ट्रैक ऑफ द ईयर खलियाटॉप-2016 की गतिविधियां शनिवार से विधिवत शुरू हो गई हैं। सुबह पूरे उल्लास के साथ प्रथम बैच के 30 लोग मर्तोलीथौड़ को रवाना हुए, इनमें नौ राज्यों के लोग शामिल हैं। सात महिलाओं और 23 पुरुषों वाले इस बैच ने शनिवार सुबह जब ट्रैकिंग रूट पर कदम रखे तो उनका उत्साह देखने लायक था।
मुनस्यारी में सुबह के समय ठंड थी, लेकिन ट्रैकरों में जोश की कोई कमी नहीं थी। कुछ तो इस बैच में प्रोफेशनल ट्रैकर भी हैं, जो हर साल ऊंची चोटियों को लांघने और दुर्गम राहों पर चलते रहते हैं। एक बैच का ट्रैकिंग का समय बेस कैंप से वापस बेस कैंप आने में छह दिन का रहेगा। ट्रैकरों के साथ पांच हेल्पर भी गए हैं। यह लोग ट्रैकिंग के साथ-साथ उच्च हिमालयी क्षेत्र की फ्लोरा, फोना का अध्ययन करेंगे। इन इलाकों में जमा पॉलिथीन एवं कचरे को हटाएंगे। दल की यह कोशिश रहेगी कि पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
यह आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया, कुमाऊं मंडल विकास निगम करा रहा है। यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी युधिष्टर शर्मा ने बताया कि हर ट्रैकर को गाइड लाइन दे दी गई है। वह किसी भी दशा में पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। उद्घाटन के समय इसकी शपथ भी ट्रैकर्स ने ले रखी है।
किस राज्य के कितने ट्रैकर
महाराष्ट्र - 09
गोवा - 01
केरल - 02
मध्यप्रदेश - 05
उत्तरप्रदेश - 05
दिल्ली - 01
गुजरात - 03
आंध्रप्रदेश - 02
तमिलनाडु - 02
आज सुबह रवाना होगा दूसरा बैच
ट्रैकिंग पर रविवार को दूसरा बैच रवाना होगा। इसमें 26 ट्रैकर शामिल होंगे। इनका रूट भी मर्तोलीथौड़ ही रहेगा। यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी युधिष्टर शर्मा ने बताया कि दूसरे बैच में मध्यप्रदेश के दो, महाराष्ट्र के 11, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के दो दो और गुजरात के चार ट्रैकर शामिल हैं। यह सभी शनिवार की शाम मुनस्यारी पहुंच गए।
कुल 26 बैचों में बांटे जाएंगे ट्रैकर
यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी युधिष्टर शर्मा ने बताया कि 30 मई तक चलने वाली ट्रैकिंग के दौरान दलों की संख्या 26 रहेगी। करीब 700 लोगों के इस ट्रैकिंग अभियान में भाग लेने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि ट्रैकिंग का मकसद सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देना तथा इस क्षेत्र की जानकारी को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाना है।