चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की रोस्टरवार सेवाएं 13 फरवरी को समाप्त हो जाएंगी। अस्पताल में चार बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती रोस्टरवार की गई। अब यह व्यवस्था समाप्त होने के बाद फिर एसीएमओ डॉ. सीएस भट्ट को जिम्मा दिया जाएगा या फिर से रोस्टरवार व्यवस्था लागू होगी। इसे लेकर विभाग पूर्व में ही शासन से पत्राचार करता रहा है।
चंपावत अस्पताल में डॉ. मेहरबान सिंह रावत 30 जनवरी से 13 फरवरी तक अपनी सेवाएं देंगी। बस दो दिन बाद रोस्टरवार व्यवस्था के अनुसार वह भी अपनी जिम्मेदारी पूरी कर वापस मूल तैनाती स्थल चले जाएंगे। बता दें कि दिसंबर 2023 से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। पूर्व में एसीएमओ डॉ. सीएस भट्ट बच्चों का इलाज कर रहे थे, लेकिन उनके विभागीय कार्यों के चलते बच्चों को इलाज मिलना आसान नहीं हो रहा था।
इसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेश पर रोस्टरवार बच्चों के इलाज की व्यवस्था की गई। आदेश के अनुसार, जिला अस्पताल में महिला अस्पताल हल्द्वानी की डॉ. रेनू अग्निहोत्री की 16 से 30 दिसंबर, उप जिला अस्पताल हल्द्वानी के डॉ. सुरेंद्र सिंह बिष्ट की 31 दिसंबर से 14 जनवरी, डॉ. बृजेश बिष्ट की 15 से 29 जनवरी की रोस्टरवार तैनाती की गई। अब डॉ. मेहरबान सिंह रावत भी 13 फरवरी तक इलाज करने के बाद लौट जाएंगे।
सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि महानिदेशक से इसे लेकर पत्राचार किया गया है। अगर वहां से कोई निर्देश नहीं आते हैं तो पूर्व की भांति एसीएमओ को जिम्मेदारी दी जाएगी। इधर वरिष्ठ कांग्रेसी निर्मला गहतोड़ी ने कहा कि शासन को यहां पर स्थायी बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती करनी चाहिए। व्यवस्थाएं बदहाल होने के कारण आम लोग परेशान हो रहे हैं।