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सड़क के मलबे से पुरगड़ा तोक को खतरा

Fri, 29 Jul 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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प्रदर्शन करते चमाली के ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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सुकौली से चमाली के लिए बन रही सड़क के मलबे से पुरगड़ा तोक खतरे की जद में आ गया है। लोगों के खेतों में मलबा पट गया है और कई भवनों को खतरा पैदा हो गया है। इस सड़क के निर्माण से लोगों को अब तक कोई फायदा तो नहीं मिला, लेकिन उनके लिए सड़क आफत का कारण बन गई है। शुक्रवार को गांव के लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और सुरक्षा के कदम उठाने की मांग की।
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पूर्व जिपं अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बोहरा के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि लोनिवि ने सड़क निर्माण के समय मानकों का पालन नहीं किया है। इस कारण बारिश के समय सारा मलबा खेतों और घरों में पहुंच रहा है। मलबे को सड़क के किनारे डंप किया जा रहा है। हल्की बारिश में ही यह मलबा गांव में पहुंच जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के विकास की कोई जरूरत नहीं है, जो गांव के लिए खतरे का कारण बन जाए। खतरे के कारण लोग घरों को छोड़ने को विवश हैं। लोगों की मांग है कि पुरगड़ा तोक का तत्काल सर्वे कराया जाए और खतरे की जद में आए परिवारों को अन्यत्र बसाया जाए। प्रदर्शन में हरीश सिंह, गोविंद सिंह, इंद्र सिंह, निर्मला देवी, जगदीश सिंह आदि शामिल हुए। 

खेत के पास मलबे की चपेट में आकर तीन युवक घायल
धारचूला (पिथौरागढ़)। तवाघाट-सोबला मार्ग पर शुक्रवार अपरान्ह पांच बजे तीन नेपाली युवक पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आ गए। तहसील मुख्यालय में घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। तहसील मुख्यालय से मौके पर पहुंची आपदा प्रबंधन की टीम, 108 आपात वाहन और प्रशासन के अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों युवकों को मलबे से बाहर निकाला। पहले यह अफवाह फैली थी कि मलबे में दबकर दो लोगों की मौत हो गई है और एक लापता है। इसी अफवाह के आधार पर हड़बड़ी में जिला मुख्यालय में आपदा प्रबंधन टीम ने अपनी रिलीज भी जारी कर दी थी। शाम सात बजे जब मौके से टीम धारचूला पहुंची तब जाकर सारी स्थिति साफ हो पाई। बताया गया कि नेपाल के दैलेख गांव निवासी तिलक बहादुर (18), उसका सगा भाई तेज बहादुर (21) और उनके गांव का ही दीपक बहादुर (20) पुत्र हीरा बहादुर खेला गांव में सामान पहुंचाने के बाद पैदल धारचूला को आ रहे थे। जैसे ही यह लोग खेत गांव के पास पहुंचे तो पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरे। तीनों उसकी चपेट में आ गए। आसपास के लोगों ने तीनों को मलबे में दबते देख दिया और प्रशासन को सूचना दी। घायल तिलक बहादुर ने बताया कि उनके आगे और पीछे घटना के वक्त कोई भी नहीं चल रहा था। ऐसे में किसी और के मलबे में दबे होने की कोई संभावना नहीं है। तहसीलदार आईबी मल्ल ने बताया कि घटना में सिर्फ तीन लोग घायल हुए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डा. जगमोहन गर्ब्याल ने बताया कि तीनों घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
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