ठूलीगाड़ पंपिंग योजना के निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते जल संस्थान के सीजीएम
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उत्तराखंड जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता ठुलीगाड़ पेयजल योजना प्रदूषण मामले की जांच के लिए पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं। सीजीएम ने सैन्य अस्पताल के सीवर चैंबर के साथ ही ठुलीगाड़-कासनी पंपिंग, ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान मातहतों से पूरे प्रकरण और कार्रवाई की जानकारी भी हासिल की। उन्होंने पेयजल योजनाओं में प्रदूषण के मामलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
रविवार को मुख्यालय पहुंचे सीजीएम ने सबसे पहले विण स्थित सैन्य अस्पताल के सीवर चैंबर का निरीक्षण किया और प्रदूषण निकासी के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद वह ठुलीगाड़ डैम एवं पंपिंग प्लांट पहुंचे और आपूर्ति की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद कासनी ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मातहतों ने सीजीएम को सैन्य अस्पताल से सीवर निकासी से लेकर विभाग की रैकी, प्रदूषण की रोकथाम, प्रदूषित जल की सैंपलिंग से लेकर सफाई व्यवस्था और वैधानिक कार्रवाई के बारे में बताया। प्रभावित स्थल के निरीक्षण के बाद सीजीएम ने जल संस्थान के सैंपलिंग लैब का भी दौरा किया और कामकाज की समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद सीजीएम ने पत्रकारों से कहा कि पेयजल स्रोत में गंदगी डालने वालों को कतई नहीं बख्शा जाएगा। इस संबंध में पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड से शिकायत की जा चुकी है। इस मामले में एनजीटी के मानकों के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सैन्य अस्पताल से प्रदूषण निकासी के साथ ही जल संस्थान द्वारा उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की है। इस संबंध में पेयजल मंत्री प्रकाश पंत को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।
समर सीजन की तैयारी परखी
सीजीएम ने दौरे पर पिथौरागढ़ से लेकर डीडीहाट, बागेश्वर, चंपावत खंडों में ग्रीष्मकालीन सीजन के दौरान पेयजल की जरूरत, उपलब्धता और प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा भी की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों को भी परखा। उन्होंने प्रस्तावित और निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की प्रगति की जानकारी हासिल की। इस मौके पर समर सीजर में आपूर्ति के लिए मातहतों को अभी से कमर कसने के निर्देश दिए। इस दौरान जीएम डीके मिश्रा, ईई विशाल कुमार के अलावा पिथौरागढ़, डीडीहाट, बागेश्वर, चंपावत खंड के अधिकारी थे।