बंगापानी तहसील के अंतर्गत जाराजिबली ग्राम पंचायत के देथल, बाननी और समाल गांव में बुधवार रात अंधड़ और भारी बारिश से जबर्दस्त तबाही मच गई। 80 परिवारों की 300 नाली जमीन में बोई धान, मडुवा, मक्का, राजमा की फसल के साथ-साथ लौकी, ककड़ी की सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। अंधड़ इतना तेज था कि जंगल में चरने गए जानवर रातभर वापस नहीं लौट पाए। गांव वालों ने बृहस्पतिवार की सुबह जंगल जाकर जानवरों की ढूंढ़खोज की।
बताया गया कि शाम को करीब सात बजे से पूरे तीन घंटे तक अंधड़ और बारिश का कोप बना रहा। अंधड़ के दौरान लोगों के मकान हिलने लगे और कई मकानों की छत उड़ गई। जंगल में खड़े पेड़ धराशायी हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हुआ है। अब फसल के पकने का समय नजदीक आ रहा है, ऐसे समय में प्राकृतिक प्रकोप से भारी क्षति पहुंची है।
गांव के सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सिंह ने तहसील आपदा प्रबंधन कार्यालय और जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को इस मामले की जानकारी दे दी है। उन्होंने बताया कि गांव के 80 परिवारों में से सबसे ज्यादा नुकसान भवान सिंह, इंद्र सिंह, विजय सिंह, दीवान सिंह, उमेद सिंह, पुष्कर सिंह, गोपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, चतुर सिंह, गंगा सिंह को हुआ है। इन लोगों की सारी फसल चौपट हो गई है। उन्होंने कहा कि शीघ्र इस प्राकृतिक आपदा का आकलन किया जाए और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
इधर, तहसीलदार आईबी मल्ल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम को गांव में क्षति का आकलन करने के लिए भेज दिया गया है। उसके बाद रिपोर्ट एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जाराजिबली के कुछ गांवों में बारिश और अंधड़ से नुकसान की सूचना मिली है।