पिथौरागढ़ के सेरा में जले वाहन
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नगर के घंटाकरण से सेरा को जाने वाली सड़क के किनारे खड़े तीन वाहन बुधवार रात धू-धू कर जल गए। आशंका है कि कुछ शरारती तत्वों ने इन वाहनों में आग लगाई। घटना की जानकारी मिलते ही लोग रात में ही वाहनों में लगी आग बुझाने में जुट गए। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल गए थे।
वहीं, सूचना पर कोतवाल ध्यान सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस की टीम ने काफी देर तक शरारती तत्वों की खोजबीन के लिए दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं आया। पुलिस को आशंका है कि यह हरकत नशेड़ियों ने की होगी, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहनों से पेट्रोल की चोरी करने वालों ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। कोतवाल ने पुलिस उपनिरीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित कर दी है।
बताया गया कि बुधवार रात करीब दस बजे कुछ लोगों ने सेरा मार्ग पर खड़े वाहनों को जलते देखा। इसकी जानकारी वाहन स्वामियों को दी। जानकारी मिलते ही सेरा गांव एवं आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी और मिट्टी डालकर वाहनों में लगी आग बुझाने का प्रयास किया। आग से सेरा निवासी नरेंद्र सिंह मेहता की ऑल्टो कार, मिताली मेहता की स्कूटी और सोनू मेहता की मोटरसाइकिल पूरी तरह जल गई। तीनों की ओर से कोतवाली में घटना की रिपोर्ट लिखा दी गई है।
बताया गया कि रात के समय नगर के विभिन्न इलाकों में अराजक तत्व घूमते रहते हैं। यह छोटी-मोटी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। कई लोग ऐसे मामलों को पुलिस तक नहीं पहुंचाते। बुधवार रात की घटना से लोगों में भारी आक्रोश है। कहा कि यदि अराजक तत्वों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वह फिर से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
वर्ष 2011 में भी जली थी तीन कारें
वर्ष 2011 में घंटाकरण में भी तीन कारें जली थी। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले एक आरोपी को करीब एक महीने बाद पकड़ा था। पकड़े गए व्यक्ति ने आपसी रंजिश के चलते यह आग लगाई थी। इस घटना के एक साल बाद फिर खड़कोट में एक मोटरसाइकिल जलाने की घटना हुई। डीडीहाट में भी एक मोटरसाइकिल शरारती तत्वों ने जला दी थी। कारों के शीशे तोड़ना, उनसे सामान की चोरी करना जैसी घटनाएं अक्सर होती रहती है। वाहनों से पेट्रोल चुराने वाले गिरोह भी यहां पर सक्रिय हैं।