धारचूला, डीडीहाट, मुनस्यारी, अस्कोट, नाचनी क्षेत्र में लाइन मरम्मत के कारण मंगलवार दिनभर तो बिजली गुल थी, मंगलवार रात को भी इन इलाकों में बिजली नहीं रही। जाड़े के मौसम में दिन- रात बिजली न रहने से लोगों में यूपीसीएल के खिलाफ भारी गुस्सा है। लोगों ने एक जनवरी को जिले के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने बिजली अव्यवस्था का मामला उठाने का ऐलान किया है।
मंगलवार को कनालीछीना में पोल बदलने के काम के चलते डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी तहसीलों की बिजली 8 घंटे तक गुल रही थी। शाम को 4 बजे बिजली बहाल हुई लेकिन दो घंटे बाद शाम को छह बजे तीनों तहसीलों की बिजली गुल हो गई, जो बुधवार सुबह 8.45 बजे बहाल हुई। बिजली न रहने से लोगों को रात अंधेरे में काटनी पड़ी।
गोरीछाल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दौलत पाल, भैंसखाल की प्रधान चंद्रकला दानू ने बिजली अव्यवस्था पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि बिजली महकमा पूरी तरह निरंकुश हो गया है। मंगलवार की दिनभर लाइन मरम्मत के नाम पर बिजली काटी गई, रात को भी बिजली नहीं दी गई। बिजली न होने से जाड़े के मौसम में लोग परेशान रहे। सीमांत जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक रहता है। बिजली न होने से लोग उजाला होने तक घरों से बाहर नहीं निकल पाए। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि एक जनवरी को पिथौरागढ़ जिले के दौरे पर मुख्यमंत्री के सामने बिजली अव्यवस्था का मामला रखा जाएगा।
महिला सशक्तीकरण मंच की अध्यक्ष लीला बनग्याल ने भी बिजली अव्यवस्था के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार नहीं आता है तो महिलाएं आंदोलन करेंगी।
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