गेखान में खतरे में आया स्वाधीनता सेनानी का मकान
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देश को तीन स्वाधीनता सेनानी देने वाली ग्राम पंचायत जोशा आपदा के कारण अलग-थलग पड़ी है। यहां स्वाधीनता सेनानी स्वर्गीय भीम सिंह कुंवर के मकान के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। परिजनों ने अन्यत्र शरण ले रखी है। गांव को जोड़ने वाला रास्ता उफनते नाले में तब्दील हो गया है। जोशा, गांधीनगर, गेखान का संपर्क अन्य जगहों से कट गया है।
दो जुलाई को गांधीनगर के पास जोशा ग्राम पंचायत के गेखान निवासी स्वाधीनता सेनानी स्वर्गीय भीम सिंह कुंवर के मकान के पास तक भूस्खलन हुआ। इस मकान में सेनानी के बेटे प्रेम सिंह कुंवर और उनके बेटे रहते हैं। इस परिवार ने अन्यत्र शरण ले रखी है। जोशा, गांधीनगर, गेखान को बेहतरीन आलू और राजमा की उपज के लिए जाना जाता है। आलू और राजमा के खेत मलबे से पटे हैं। वन उडियार के पास गांव को जाने वाला पैदल रास्ता उफनते नाले में तब्दील हो गया है।
गांधीनगर स्वाधीनता सेनानी स्वर्गीय नरी राम का गांव है। उनके बेटे स्वर्गीय रंजीत विश्वकर्मा प्रमुख राज्य आंदोलनकारी रहे हैं। गेखान के ही दलीप सिंह भंडारी प्रमुख स्वाधीनता सेनानी रहे हैं। जोशा के प्रधान बसंत राम के अनुसार मदकोट-जोशा सड़क बंद है। इमला से जोशा जाने वाला 3 किमी पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हीरा सिंह चिराल का कहना है कि जोशा, गांधीनगर, गेखान की व्यवस्थाओं को पटरी में लाने के लिए सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे।
गांव के युवा कर रहे रास्तों का पुनर्निर्माण
पिथौरागढ़। जोशा ग्राम पंचायत के युवा आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत में जुटे हैं। युवाओं ने नाले में लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया है। सेनानी परिवारों के साथ ही ग्रामीणों में सरकार और प्रशासन से त्वरित सहायता न मिलने को लेकर रोष है।