सड़क के मलबे से बासानी गांव में बर्बाद हो रहे खेत
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बांसबगड़ से माणीधामी के लिए बन रही सड़क के मलबे से दाखिम ग्राम पंचायत के बासानी गांव के कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। बारिश के साथ मलबा बहकर गांव में गिर रहा है। मलबे से खेत पट गए हैं।
सड़क निर्माण के दौरान निकले मलबे को डंपिंग जोन में न डालने से यह दिक्कत खड़ी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश धामी ने कहा कि गांव के लोगों ने मलबे का निस्तारण डंपिंग जोन में करने का मामला विभाग और ठेकेदार के सामने उठाया। विभागीय अधिकारियों के साथ ही ठेकेदार ने मलबे का निस्तारण अन्यत्र करने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। खुदाई से निकला मलबा नीचे लुढ़का दिया गया। अब बारिश के साथ मलबा, बोल्डर बहकर आ रहे हैं। मलबे से लोगों के खेत पट गए हैं। कई मकान और गांव के प्राथमिक स्कूल को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। गांव में 12 परिवार रहते हैं। मलबा कभी भी किसी मकान में गिर सकता है। उन्होंने मलबा निस्तारण के साथ ही गांव के लोगों की सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है।
कहा कि मलबे से गांव के लोगों को खेती का नुकसान हुआ है। उनकी जमीन बह गई है। उसका मुआवजा गांव के लोगों को दिया जाना चाहिए। धामी ने कहा कि पीएमजीएसवाई डिवीजन गांव की सुरक्षा और नुकसान की भरपाई नहीं करता है तो गांव के लोगों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
हटेगा मलबा, लगेगी सुरक्षा दीवार
पीएमजीएसवाई डिवीजन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल कहते हैं कि गांव की सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे। ठेकेदार को मलबा हटाने और सुरक्षा दीवार लगाने को कहा जा रहा है। डंपिंग जोन में मलबा न डालने के सवाल पर ईई कहते हैं कि डंपिंग जोन में 10 प्रतिशत ही मलबा डालने का प्रावधान होता है। क्या बासानी गांव उस 10 प्रतिशत में नहीं आता, के सवाल पर अधिशासी अभियंता ने कोई जवाब नहीं दिया।