पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में 40 साल पुरानी व्यवस्था से पेयजल बांटा जा रहा है। जिन स्थानों पर 40 साल पहले पेयजल लाइन बिछाई गई, अब वहां घर, सड़क, रास्ते, सरकारी भवन आदि बन गए हैं। जंग लगने से पाइप लाइन गलने के कारण रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इससे नगर के अधिकतर हिस्सों में पेयजल की किल्लत बनी है।
नगर और अन्य क्षेत्रों में लीकेज की समस्या जानने के लिए शुक्रवार को पड़ताल की गई। बैंक रोड पर पीएनबी के पास पिछले एक सप्ताह से पेयजल सड़क के अंदर पड़े पाइप के टूटने से लीकेज हो रही है। इसी सड़क पर जिला सहकारी बैंक के पास सड़क के किनारे और सहकारी बैंक से गांधी चौक जाने वाले पैदल रास्ते के पास लंबे समय से पेयजल बर्बाद हो रहा है।
न्यायालय गेट से लिंठ्यूड़ा जाने वाले पैदल रास्ते के कई स्थानों पर लाइन लीक है। महात्मा गांधी मार्ग से सिमलगैर जाने वाले पैदल रास्ते में लंबे समय से पेयजल बर्बाद हो रहा है। कई स्थानों पर जल संस्थान ने वीआईपी कार्यक्रम को देखते हुए लीकेज को ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन नगर के आंतरिक हिस्सों के पैदल रास्तों पर लीकेज को ठीक करने के लिए अभी कार्य शुरू नहीं हो पाया। लीकेज होने से नगर के कई स्थानों में लोगों को पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
- इनसेट
अब मिली लीकेज ठीक कराने की अनुमति
पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर जल संस्थान को सड़कों में हो रहे लीकेज ठीक कराने की अनुमति मिल गई है। पिथौरागढ़ नगर को रोज 12 एमएलडी पानी की जरूरत है। अभी जल संस्थान को सिर्फ 11 एमएलएडी पानी मिल रहा है जबकि जरूरत 12 एमएलडी से अधिक की है।
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इन स्थानों में है पेयजल की दिक्कत
नेड़ा, रई, जीआईसी रोड, गंगा निवासी, तिलढुकरी, बिण, जगदंबा कॉलोनी, लिंठ्यूड़ा
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पिथौरागढ़ में जल संस्थान ने लगाए सात हजार मीटर
पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में जल संस्थान ने सात हजार मीटर लगा दिए हैं। जल संस्थान को 7,500 मीटर लगाने की स्वीकृति मिली थी। इसमें से 6,500 मीटर लगाने का कार्य पूरा करने के बाद मीटर रीडिंग के हिसाब से बिल भेजना शुरू कर दिया है। इसके बाद लोगों ने पेयजल का दुरुपयोग करना बंद कर दिया है। संवाद
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पेयजल योजना से इतना मिल रहा है पानी
योजना का नाम - पानी की आपूर्ति एमएलडी में
घाट पेयजल योजना - 2.5
ठुलीगाड़ पेयजल योजना - 2.5
बैलोत पेयजल योजना- . 3
रई पेयजल योजना - . 5
हुड़ेती पेयजल योजना - . 2
नसेट कोट-
नगर में पेयजल जिन स्थानों पर अनुमति मिली है। उन स्थानों पर लीकेज को ठीक किया जा रहा है। पेयजल वितरण प्रणाली 40 साल पुरानी है। इसलिए कई स्थानों पर पेयजल पाइप गल गए हैं। इससे पानी बर्बाद हो रहा है। -सुरेश चंद्र जोशी, ईई जल संस्थान, पिथौरागढ़।
पाटी में पांच दिन बाद भी ठीक नहीं पेयजल व्यवस्था
डेढ़ साल में 10 बार खराब हो चुकी है लिफ्ट पेयजल योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
पाटी (चंपावत)। पाटी में पांच दिन बीतने के बाद भी लिफ्ट पेयजल योजना ठीक नहीं हो सकी है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते डेढ़ साल में लिफ्ट पेयजल योजना 10 बार खराब हो चुकी है।
जल निगम की ओर से पुरानी पेयजल लाइन से पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन मल्ली बाजार, स्टेशन चौराहे, माराकुली आदि जगहों पर लोगों को एक घंटा भी पानी नहीं मिल रहा है। लिफ्ट पेयजल योजना से जुड़ी ग्राम पंचायतों पूनाकोट, बिसारी, जैरोली, किमाड़ी, तोली, बरौला, जौलाड़ी, जौलमेल में भी लोग पीने के पानी को तरस गए हैं। लोगों को नौले, धारों, हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष गोपेश पचौली, लाल सिंह, कमलेश भट्ट, सुरेश भट्ट, सागर पाटनी, रमेश पाटनी, जगदीश चंद्र, लवी पाटनी, कैलाश चंद्र, निर्मला देवी, शांति आदि ने जल्द पेयजल योजना ठीक करने की मांग की है। जल निगम के जेई नीरज धामी ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से लिफ्ट पेयजल योजना की क्राॅसवाल क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसे ठीक होने से एक सप्ताह का समय लग सकता है। बाद में बजट मिलने के बाद स्थायी व्यवस्था कर ली जाएगी।