मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चंडाक में देवदार के पेड़ सुखाने में लिप्त लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समाधान पोर्टल में दर्ज शिकायतों की समीक्षा की। समाधान पोर्टल में सिमलगैर निवासी विक्रांत पुनेड़ा ने चंडाक में निजी भूमि में छह पेड़ और सरकारी भूमि में सात पेड़ सुखाने की शिकायत दर्ज की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवदार के पेड़ सुखाना गंभीर मामला है। डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि तत्काल इस मामले की जांच करें। साथ ही देवदार के पेड़ों को बचाने के लिए तारबाड़ भी करें। साथ ही यह भी कहा है कि जिले में पेड़ों को सुखाने और अवैध कटान के मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए।
समाधान पोर्टल में दूसरा मामला बेड़ीनाग के कोटेश्वर मंदिर को जाने वाला पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त होने का दर्ज हुआ। इस मामले में मुख्यमंत्री ने डीएम को निर्देश दिए कि इस रास्ते को लोनिवि से हटाकर पर्यटन विभाग को दिया जाए और क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत की जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने को भी कहा है। सीएम ने यह भी कहा है कि जिले के उच्चस्तरीय निजी विद्यालयों को इस शर्त पर जमीन दी जाए कि वह 30 प्रतिशत प्रवेश स्थानीय लोगों के बच्चों को दें।