18 अगस्त को बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के साथ-साथ पेड़ों पर भी रक्षा धागा बांधेंगी। राजकीय हाईस्कूल नैनीसैनी के प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक आठ साल से ईको फ्रेंडली का यह कार्यक्रम चला रहे हैं। पाठक जब जीआईसी गोरंगचौड़ में तैनात थे तभी उन्होंने ईको फ्रेंडली का यह अभियान शुरू किया था। 2009 से लगातार वह रक्षाबंधन के दिन स्कूली बालिकाओं के हाथों पेड़ों पर राखियां बंधवाते हैं। पाठक का कहना है कि राखी बांधने से पेड़ों के साथ भावनात्मक लगाव हो जाता है। पेड़ों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे तमाम अभियानों में यह अभियान ज्यादा असर कारक साबित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इस बार 18 अगस्त को रक्षाबंधन है। उस दिन राजकीय हाईस्कूल नैनीसैनी, नैनावती मंदिर परिसर, जीआईसी गोरंगचौड़ की बालिकाएं पेड़ों पर रक्षा धागा बांधेंगी। इससे पहले पेड़ के आसपास की निराई, गुड़ाई होगी। पेड़ को तिलक लगाया जाएगा। समय-समय पर बालिकाएं इस पेड़ की अपने भाई की तरह देखरेख करेंगी। उन्होंने बताया कि अब बालिकाएं ईको फ्रेंडली के इस कार्यक्रम की हर साल प्रतीक्षा करती हैं। पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए यह एक अनूठा प्रयोग है।