थल-मुनस्यारी मार्ग पर पातलथौड़ नाला उफान पर आने से मुनस्यारी जा रहे अलग-अलग दल के 40 पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार रात करीब 10 बजे मूसलाधार बारिश के दौरान नाला उफन गया। ठीक उसी समय पश्चिम बंगाल के पर्यटकों का दल वहां पहुंचा, लेकिन नाला उफान पर होने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाए। देर रात करीब तीन बजे जब नाले का उफान कम हुआ, तब जाकर पर्यटक आगे बढ़ पाए। लोक निर्माण विभाग के मजदूर मौके पर तैनात नहीं थे।
पश्चिम बंगाल के 18 सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे शंकर घोष ने बताया कि पातलथौड़ में उन्हें पूरी रात भूखे रहना पड़ा। आसपास कोई मकान और दुकान भी नहीं है। सभी पर्यटक अपने वाहनों में दुबके रहे। रात में पातलथौड़ के पास के जंगल में तेंदुआ दिखने से बच्चे और महिलाएं घबरा गईं। उन्होंने कहा कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल को जाने वाली सड़क को इस तरह लावारिस हालत में छोड़ना ठीक नहीं है। इसी तरह 22 अन्य पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बता दें कि पातलथौड़ नाले की मरम्मत के लिए 2016 में पांच लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन विभाग लोनिवि ने अब तक काम शुरू नहीं किया है। बारिश के समय यह नाला उफान पर आ जाता है और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोनिवि के सहायक अभियंता महेश कुमार ने कहा कि नाले की मरम्मत का काम इसी महीने से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में नाले की मरम्मत का काम संभव नहीं था।
मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर हिमपात
मुनस्यारी। उच्च हिमालय की चोटियों पर रविवार की रात फिर हिमपात हुआ। पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा की चोटियों पर बर्फ गिरने से निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। उधर, धारचूला तहसील में लिपुलेख, नाभीढांग में भी हिमपात हुआ है। जिले के अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य बना रहा।