गंगोलीहाट में चल रहे साइंस आउटरीच प्रोग्राम में वकतव्य देतीं वैज्ञानिक।
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हिमालयन ग्राम विकास समिति में आयोजित साइंस आउटरीच कार्यक्रम के दूसरे दिन आईआईटी मुंबई में एयरोस्पेस इंजीनियर विभाग के प्रो. राजकुमार एस पंत ने महात्मा बुद्ध के दर्शन के आधार पर विद्यार्थियों को विज्ञान का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि परंपराओं से चली आ रही बातें विज्ञान नहीं है। कहा, प्रेक्षण और विश्लेषण के बाद ही किसी बात को स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने विभिन्न मॉडलों के माध्यम से वायुयान तकनीकी और इसके सिद्धांतों को रोचक ढंग से समझाया। इससे पूर्व उद्घाटन सत्र की शुरुआत करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. कमान सिंह कठायत ने डॉ. डी पंत को समर्पित अपने व्याख्यान में उनके जीवन-दर्शन व शोध कार्यों पर प्रकाश डाला। यूसर्क देहरादून के निदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने विद्यार्थियों और जनसामान्य के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। डीआरडीओ के वैज्ञानिक डॉ. नेत्र सिंह ने मिसाइल तकनीकी उनकी कार्य प्रणाली और गाइडेड मिसाइल सिस्टम के बारे में बताया। जीनोमिक एंड पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन कैंब्रिज इंग्लैंड से पहुंचीं डॉ. सुजाता सिन्हा ने थैलीसीमिया और सिंगिल जीनों से संबंधित रोगों के विभिन्न प्रकारों, कारणों और इसके संभावित निदान के बारे में समझाया। ट्रिपल जे कोचिंग सेंटर के डॉ. बीके जोशी ने विद्यार्थियों से संबंधित विभिन्न साइकोमैट्रिक परीक्षण के आधार पर कॅरियर आप्सन चुनने का आह्वान किया। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सोमवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा निदेशक एवं गंगोलीहाट स्थित राजकीय इंटर कालेज के संस्थापक भैरव दत्त पाठक का नागरिक अभिनंदन समारोह जीआईसी में किया जाएगा। वहां पद्म भूषण प्रो. केएस वल्दिया, पद्मश्री प्रो शेखर पाठक, प्रो. बीडी लखचौरा, प्रो. एएस जीना, प्रो. गंगा बिष्ट, डॉ. शिखा घिल्डियाल आदि थे।