पिथौरागढ़/धारचूला। आदि कैलाश को पूरे विश्व में नई पहचान मिलने के बाद क्षेत्र में पुराने मकानों का कायाकल्प हुआ है ये होम स्टे के रूप में विकसित हुए हैं। व्यास घाटी के सात गांवों में खूब फल-फूल रहा होम स्टे कारोबार वहां के ग्रामीणों के साथ ही जिले की आर्थिकी को मजबूत कर रहा है।
दरअसल, आदि कैलाश में पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में खासा उछाल आया है इससे जिले के पर्यटन को नई पहचान मिली है। व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश ने रोजगार और पर्यटन कारोबार के नए अवसर पैदा किए हैं।
व्यास घाटी के बूंदी, गर्ब्यांग, गुंजी, नाभी, नपल्चू, कुटी सहित सात गांवों में होम स्टे कारोबार को नई रफ्तार मिली है।
अंदाजा लगाया जा सकता है व्यास घाटी में 1500 होम स्टे अस्तित्व में आए हैं और इनके जरिये पुराने मकानों का कायाकल्प हुआ है।