धारचूला में बैठक में मौजूद व्यास जनजाति संघर्ष समिति के लोग। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यास जनजाति संघर्ष समिति की बैठक में क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पवित्र ओम पर्वत और आदि कैलाश यात्रा का विरोध करने समेत तीन प्रस्ताव पास किए गए।
नाबी जनमिलन केंद्र में रविवार को संषर्घ समिति के अध्यक्ष राजेंद्र नबियाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें प्रस्ताव पास करते हुए कहा गया कि व्यास घाटी के गुंजी में पांच गांव समूह कुटी, नाबी, रौंगकोंग, गुंजी और नपलच्यू की शादियां पारंपरिक व्यास देव पूजन स्थल पर संपन्न होती हैं। पूजा के बाद मनीला के मैदान में घुड़दौड़ होती है। इस मैदान में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरे प्रस्ताव में कहा गया कि कुमाऊं मंडल विकास निगम अथवा किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से हेलीकॉप्टर से कराई जाने वाली ओम पर्वत और आदि कैलाश दर्शन यात्रा का विरोध किया जाएगा। कहा कि हल्द्वानी से सीधे हेली से दर्शन कर वापसी का कोई औचित्य नहीं है।
तीसरे प्रस्ताव में कहा है कि मनीला व्यास देव परिसर और फासदंग के अगल-बगल किसी भी अतिक्रमण, निर्माण का पुरजोर विरोध किया जाएगा। बैठक में पूर्व चेयरमैन अशोक नबियाल, सुरेश गुंज्याल, उत्तम सिंह नबियाल, निहारिका गर्ब्याल, हरीश कुटियाल, अर्चना गुंज्याल, पुनीत कुटियाल, लक्ष्मी गुंज्याल आदि मौजूद रहे।