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बारिश आई नहीं, आफत जरूर आ गई

Fri, 13 May 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
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स्कूल में घुसे बरसाती पानी का निकास करते विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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अभी बरसात शुरू भी नहीं हुई है कि सड़क का मलबा भवनों में घुसने लगा है। बृहस्पतिवार को हुई बारिश का मलबा राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बांसपटान में घुस गया। शुक्रवार को विद्यार्थियों और स्टाफ को पढ़ाई के स्थान पर पूरा दिन मलबा हटाने में लगाना पड़ा। स्क्रबर और निकास नालियां बंद होने से ये समस्या पैदा हुई है। इससे सड़कों का जिम्मा संभाल रहे महकमों की तैयारियों की भी पोल खुली है।
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शुक्रवार को शिक्षक और विद्यार्थी जब प्राथमिक पाठशाला बांसपटान पहुंचे तो स्कूल प्रांगण मलबे, कीचड़ से पटा था। स्कूल के कमरों में मलबा, पानी भरा था। इस पर शिक्षण स्टाफ और बच्चे पढ़ाई के स्थान पर सफाई में लगना पड़ा। कमरों का पानी बाहर फेंका गया। स्कूल प्रांगण से मलबा हटाया गया। इस काम में स्थानीय लोगों ने भी सहयोग दिया। मलबा, बारिश का पानी घुसने से स्कूल का काफी सामान खराब हो गया है। पूरे स्कूल परिसर में कीचड़ ही कीचड़ भरा है।

जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र बोरा ने स्कूल में मलबा घुसने के लिए लोनिवि को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि सड़क में स्क्रबर और निकास नाली बंद होने के कारण सड़क से सटे स्कूल में मलबा घुसा है। बरसात सामने है लेकिन लोनिवि किसी प्रकार की तैयारी नहीं कर रहा है। यदि स्क्रबर और निकास नालियों की स्थिति ठीक होती तो स्कूल में पानी नहीं घुसता। जिला पंचायत सदस्य के साथ ही क्षेत्र पंचायत सदस्य षष्टी बोरा, ग्राम प्रधान आनंदी देवी ने इस लापरवाही के लिए लोनिवि के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने एवं स्क्रबर और बंद नालियों को खोलने की मांग की।
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गणाईगंगोली में तीन मकान क्षतिग्रस्त
गणाईगंगोली। बृहस्पतिवार शाम हुई तेज बारिश और आंधी से वैशाली ग्राम पंचायत की अनुसूचित बस्ती शिलिंग में रमेश राम पुत्र नैन राम, गणेश राम पुत्र मोती राम, राजन राम पुत्र नैन राम के मकानों की छत उड़ गई। बारिश का पानी घरों में घुसने से सामान खराब हो गया है। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बोरा शिवजी ने घटना की जानकारी प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को देते हुए तीनों परिवारों को मकान मरम्मत के लिए मदद देने की मांग की है।

रातभर बंद रही थल-बेड़ीनाग-पांखू सड़क
थल (पिथौरागढ़)। बृहस्पतिवार शाम हुई तेज बारिश से थल-बेड़ीनाग-पांखू सड़क पर चौनीपातल नामक स्थान के पास भारी मात्रा में मलबा आ गिरा, जिससे सड़क रातभर बंद रही। शुक्रवार सुबह छह बजे लोनिवि सड़क खोलने में कामयाब रहा। वहीं, प्राचीन कैलास मानसरोवर पैदल मार्ग को भी भारी नुकसान पहुंचा है, रास्ता बंद हो गया है। थल से तीन किमी दूर कालीगाड़ में 30 फिट रास्ता बह गया है। निर्माणाधीन पुलिया को खतरा पैदा हो गया है। हतवालगांव की प्रधान गंगा देवी ने तहसीलदार को सूचना देकर रास्ते की मरम्मत की मांग की है। इस रास्ते का उपयोग 25 ग्राम पंचायतों के लोग करते हैं। इसी रास्ते से गांवों को घोड़ों से रसद सामग्री ले जाई जाती है।

दुकान, मकानों में घुसा बारिश का पानी, भारी नुकसान
कनालीछीना। बृहस्पतिवार की बारिश से कनालीछीना-सतगड़ पैदल मार्ग पर निकास नाली न होने से दुकानों, घरों और खेतों में पानी घुस गया। रसैपाटा-सुवालेख मोटर मार्ग पर कुरानी के पास भारी मलबा आ गया। ग्राम प्रधान जगदीश राम का मकान मलबे से पट गया। उनके मकान के बगल में टीका राम का शौचालय भी मलबे से टूट गया। कनालीछीना चौराहे में दुकानों में भी मलबा घुसा है। गांव की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने मौके का मुआयना करने के बाद बताया कि लोनिवि ने मिट्टी से नाली को पाट दिया था। बारिश के समय सारा पानी और मलबा लोगों के घरों में घुस गया। कुरानी गांव में करीब 20 नाली जमीन मलबे से पट गई है। लोग भारी दहशत में हैं। पैदल रास्ते के संबंध में लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता नवीन जोशी का कहना है कि विभाग के पास गैंग नहीं है। आपदा मद में प्रस्ताव बनाकर रास्ते की मरम्मत की जाएगी।
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