नोटबंदी के 56 दिन गुजर जाने के बाद बैंकों की हालत ज्यादा खराब होते जा रही है। प्रधानमंत्री ने 50 दिन बीतने के बाद आम लोगों की कठिनाई दूर होने का जो वादा किया था कम से कम वैसी स्थिति सामने नहीं आ रही है। स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास अब काम चलाने भर के लिए 40 लाख रुपए बचे हैं। इस कारण अब 24 हजार रुपए का भुगतान दे पाना संभव नहीं हो रहा है। बैंक ने मंगलवार से भुगतान की अधिकतम राशि दस हजार रुपए कर दी है।
स्टेट बैंक की चेस्ट ब्रांच से अधीनस्थ शाखाओं को कैश दे पाना संभव नहीं हो पा रहा है। स्टेट बैंक के वरिष्ठ कैश अधिकारी दिनेश चंद ने बताया कि इस समय ज्यादा भुगतान दे पाना संभव नहीं है। बैंक से कम धनराशि मिलने से लोगों का गुस्सा भी बढ़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार ने नोटबंदी के बाद कई नियम तो बदले, लेकिन लोगों को राहत देने वाला कोई कदम नहीं उठाया। अब समस्या और ज्यादा गंभीर रूप लेने लगी है। लोगों को यह उम्मीद थी कि शायद सरकार 50 दिन पूरे होने के बाद बैंकाें से निकासी की सीमा बढ़ाएगी, लेकिन ऐसा तो नहीं हुआ उल्टा बैंकों में कैश की कमी के कारण अब भुगतान की राशि ही कम कर दी गई है।
पेंशनरों और वेतनभोगियों की भीड़ बढ़ी
पिथौरागढ़। महीने का पहला सप्ताह होने और खातों में कर्मचारियों का वेतन आने से बैंकों में भीड़ बढ़ती जा रही है। एसबीआई की मुख्य शाखा में मंगलवार को काफी भीड़ रही। इनमें पेंशनर, वेतनभोगी, किराए के कमरों में रहने वाले लोग और व्यापारी शामिल थे। बैंक में कैश की कमी के कारण मंगलवार से भुगतान कम मिल रहा है। सेना के कई पेंशनरों की तो अच्छी-खासी पेंशन होती है, लेकिन उनको भी दस हजार से अधिक की राशि नहीं मिल रही है।
स्टेट बैंक के सभी एटीएम बंद
पिथौरागढ़। एसबीआई की मुख्य शाखा में नोटों की किल्लत के चलते एसबीआई सभी एटीएम बंद हो गए हैं। रोकड़ अधिकारी कन्हैया लाल ने बताया कि एसबीआई द्वारा संचालित होने वाले 11 एटीएम हैं और एजेंसी के माध्यम से चलने वाले एटीएम की संख्या 8 है। जब तक आरबीआई से नोटों की खेप नहीं आ जाती, एटीएम को चलाने में दिक्कत रहेगी। फिलहाल जाजरदेवल और रोडवेज बस अड्डे पर लगे एटीएम ही काम कर रहे हैं।
डीडीहाट में स्थिति थोड़ी सुधरी
डीडीहाट। डीडीहाट स्टेट बैंक में मंगलवार को स्थिति थोड़ी सुधर गई। बैंक से मंगलवार को लोगों को 24 हजार रुपए तक का भुगतान मिला। नगर के सभी एटीएम भी चालू हालत में रहे। इससे लोगों की समस्या काफी हद तक दूर हो गई। बैंक प्रबंधक पीएस भौत का कहना है कि जब तक कैश उपलब्ध है लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
गणाईगंगोली में अब सिर्फ सिक्के बचे
गणाईगंगोली। स्टेट बैंक की गणाईगंगोली शाखा में अब सिर्फ सिक्के बचे हैं। यह सिक्के भी मात्र दस हजार रुपए के ही हैं। बैंक से मंगलवार को भुगतान की गंभीर समस्या पैदा हो गई। बैंक प्रबंधक मोहन आर्य ने बताया कि चेस्ट ब्रांच से धनराशि नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि कैश आने तक संकट बना रहेगा, लेकिन कैश कब तक आएगा, इसकी उनको कोई जानकारी नहीं।