एक तो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का नितांत टोटा, उसके ऊपर शिक्षकों पर अन्य जिम्मेदारियां डालने से सरकारी स्कूलों का शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित होता है। इस बार बेसिक शिक्षकों को 16 नवंबर से जनगणना के काम में लगाया जा रहा है, जिसका राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने विरोध शुरू कर दिया है।
एक से 31 अक्तूबर 2015 तक बेसिक शिक्षकों से बूथ लेबल अफसर (बीएलओ) का कार्य लिया गया। तमाम शिक्षक शिक्षा अभियानों से संबद्ध हैं। सरकार, शिक्षा महकमा सरकारी स्कूलों में छात्रसंख्या घटने की बातें करते हैं, इसके लिए तमाम अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करने की दिशा में कदम नहीं उठाए जाते। अधिकारी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शिक्षक, कर्मचारियों की भागीदारी को जरूरी बताते हैं।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया के नेतृत्व में जिलाधिकारी एचसी सेमवाल से मिले शिक्षक नेताओं ने बेसिक शिक्षकों को जनगणना कार्य से विरत रखने की मांग की। डीएम को सौंपे ज्ञापन में संगठन ने कहा कि बार-बार अन्य काम लिए जाने से स्कूलों का शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। इसलिए शिक्षकों को जनगणना के कार्य से मुक्त रखा जाए। शिष्टमंडल में जिला उपाध्यक्ष ललित बसेड़ा, अध्यक्ष विण इकाई जेपी वर्मा, महिमन जोशी आदि शामिल थे।