पंचाचूली की तलहटी में लगी आग से उठता धुंआ
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पंचाचूली की तलहटी पर एक बार फिर से आग लग गई है। पिछले एक महीने से कई बार इन इलाकों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन वन विभाग अब तक न तो आग लगने के कारणों का पता लगा पाया है और न कोई व्यक्ति पकड़ में आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा शिकारी ही करते हैं।
बताया गया कि भारी हिमपात के बाद जब जंगली जानवर निचले इलाकों में उतरने लगते हैं, उसी समय इनको आग लगाकर शिकारी घेरते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात होने के बाद कस्तूरा मृग, मोनाल पक्षी, भालू, स्नो लैपर्ड आदि निचले इलाकों का रुख करते हैं। बृहस्पतिवार को एक बार फिर से पंचाचूली की तलहटी पर लगी आग के साथ उठा धुआं चोटियों तक पहुंच गया। यह भी कहा जा रहा है कि यदि स्थानीय लोग घास के लिए आग लगाते तो वह बार-बार ऐसा नहीं करते।
इधर, वन रेंजर लवराज सिंह का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच के लिए बाकायदा टीम को मौके पर भेजा गया था, लेकिन कहीं पर भी शिकारियों की मौजूदगी के निशान नहीं मिले। उन्होंने कहा कि अब भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इधर, स्थानीय लोगों ने बार-बार हो रही आग की घटनाओं पर चिंता जताई है।