बच्चा न होने पर महिला को घर से निकाला
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बच्चा पैदा न होने पर ससुरालियों ने महिला को शादी के दो साल बाद ही घर से निकाल दिया। मामला महिला हेल्पलाइन में भी गया लेकिन बात नहीं बनी। पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा से मुलाकात कर पति, सास, ससुर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग की है।
धारचूला निवासी भूमिका ऐतवाल गुंज्याल पुत्री किशन सिंह ऐतवाल ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में कहा है कि उसका विवाह 22 फरवरी 2014 को गुंजी (धारचूला) निवासी प्रमोद गुंज्याल के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय तक पति, सास, ससुर का व्यवहार उनके प्रति ठीकठाक रहा। विवाह के एक साल बाद बच्चा न होने पर ससुरालियों ने हल्द्वानी और दिल्ली में चिकित्सकीय जांच कराई। इसके बाद पति और परिवार वालों का व्यवहार उनके प्रति बहुत ही खराब रहने लगा। ससुराली मानसिक रूप से उत्पीड़न करने लगे।
13 जनवरी 2016 को उसे घर से निकाल दिया। तब से वह मायके में रहती है। कहा है कि घर को टूटने से बचाने के लिए कई बार कोशिश की लेकिन बात नहीं बन पाई। इसके बाद धारचूला थाने में शिकायत की। थानाध्यक्ष ने महिला हेल्पलाइन के सामने उनका मामला पेश किया। 19 मार्च और 9 अप्रैल 2016 को हेल्पलाइन में पहली और दूसरी काउंसिलिंग हुई लेकिन पति उन्हें साथ रखने के लिए तैयार नहीं हुआ। विवाहिता ने पति के साथ ही सास और ससुर के खिलाफ धारचूला थाने में मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग एसपी से की। पुलिस अधीक्षक ने धारचूला थाने को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश दिए हैं।