यहां से 50 किमी दूर स्थित बिल्जू गांव की गंभीर रूप से बीमार महिला ने छह दिन हेलीकॉप्टर के इंतजार करने के बाद बृहस्पतिवार को आखिरकार दम तोड़ दिया। महिला को बृहस्पतिवार सुबह गांव के लोग डोली में बैठाकर पैदल मुनस्यारी अस्पताल ला रहे थे।
मल्ला जोहार विकास समिति ने 5 अगस्त को तहसील प्रशासन को सूचना दी थी कि बिल्जू गांव में पदम राम की पत्नी कमला देवी (60) गंभीर रूप से बीमार है। उसे ले जाने के लिए तत्काल हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने इस संबंध में शासन से हेलीकॉप्टर भेजने का आग्रह किया था, लेकिन दुर्भाग्य से तब मौसम खराब ही रहा और हेलीकॉप्टर बिल्जू गांव नहीं जा पाया।
ग्राम प्रधान पंकज सिंह ने बताया कि बीमार महिला को लाने के लिए उन्होंने दुम्मर गांव से 8 लड़के बोगड्यार तक भेजे थे, जबकि बोगड्यार तक महिला को बिल्जू गांव के लोग लेकर आए थे। बिल्जू से करीब 25 किलोमीटर दूर बोगड्यार पहुंचने से पहले ही कमला देवी ने डोली में ही दम तोड़ दिया। प्रधान का कहना है कि यदि 6 अगस्त को भी हेलीकॉप्टर आ जाता तो महिला को समय पर इलाज मिल जाता। बता दें कि बिल्जू माइग्रेशन गांव है।
इस गांव में इस सीजन में दुम्मर गांव के लोग प्रवास करते हैं। मल्ला जोहार विकास समिति के अमर राम ने कहा कि सीमांत के लोगों की दुर्दशा का कभी अंत नहीं होने वाला। पूर्व प्रमुख कुंदन टोलिया ने कहा कि प्रशासन ने हेलीकॉप्टर नहीं भेज पाने की जानकारी समय पर देनी चाहिए थी, ताकि गांव के लोग महिला को जल्दी अस्पताल लाने की व्यवस्था करते।