सेना की स्थिति स्पष्ट करते ब्रिगेडियर मनोचा
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कुसौली एवं आसपास के गांव के लोगों की ओर से रास्ते को लेकर लगातार किए जा रहे आंदोलन को देखते हुए बृहस्पतिवार को सेना ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। सेना की ओर से कहा गया है कि केंद्रीय विद्यालय के पास जो गेट बनाया गया है उससे कुसौली गांव को आने जाने में कोई बाधा नहीं होगी।
स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर राकेश मनोचा (सेना मेडल) ने कहा कि इस संबंध में नौ अप्रैल को कुसौली के प्रधान एवं अन्य ग्रामीणों के साथ वार्ता हुई थी। तब यह बताया गया था कि गेट का निर्माण छावनी की सुरक्षा एवं सुंदरीकरण के लिए किया गया है। गेट का नाम मां कामाख्या द्वार रखा गया है, क्योंकि यह रास्ता कामाख्या मंदिर को भी जाता है। उन्होंने कहा कि रास्ते को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने की जरूरत नहीं है। इससे लोगों को कोई बाधा नहीं पहुंचेगी।
ब्रिगेडियर मनोचा ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि इस गेट के बनने से लोगों की आवाजाही में सेना की कोई दखलंदाजी नहीं होगी। पहले ग्रामीणों के साथ इस संदर्भ में बैठक हो चुकी है। गांव के करीब 80 फीसदी लोग सेना के फैसले से सहमत हैं। कुछ लोग बेवजह इस मामले को तूल दे रहे हैं, जबकि रास्ता न तो पहले बंद किया गया था और न अब बंद किया गया है।
इस बीच सेना के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल एस शिवराना ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि केंद्रीय विद्यालय के पास बने गेट से किसी की भी आवाजाही नहीं रोकी गई है। 12 अप्रैल को यह जानकारी डीएम और एसपी को भी दी गई है। उन्होंने कहा कि सेना ग्रामीणों को कतई असुविधा में नहीं डालेगी। रास्ते से पहले की तरह आवागमन होता रहेगा।