आपदाग्रस्त क्षेत्रों के हालात दो माह बाद भी काबू में नहीं हैं। मदकोट-गोल्मा-इमला-जोशा-गांधीनगर सड़क पर मदकोट के पास ही आफत खड़ी हो गई है। पहाड़ी से गिरने वाले झरने ने सड़क की राह रोक ली है। हालांकि, लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। सड़क वाहन संचालन लायक नहीं रह गई है।
लगातार हो रही बारिश से मदकोट गोरी पुल के पास बहने वाले बरसाती झरने में पानी काफी अधिक बढ़ गया है। झरने का पानी सड़क पर गिरकर नाले के रूप में तब्दील हो गया है। इससे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इस स्थान पर वाहनों का संचालन बंद है। लोग जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। उफनते नाले को लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पार कर रहे हैं।
नीचे गोरी नदी बह रही है। यदि थोड़ी सी असावधानी हुई तो हादसा होने का अंदेशा है। वहीं, आवाजाही ठप होने से गोलमा, कोटालगांव, इमला, जोशा, ढुनामानी, गांधीनगर, चौना, मटेना, मालुपाती के लोग भारी संकट का सामना कर रहे हैं। उन्हें सामान सिर पर ढोना पड़ रहा है।
गोल्मा-जोशा सड़क की दुर्दशा के खिलाफ आंदोलन होगा
पिथौरागढ़। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हीरा सिंह चिराल ने गोल्मा-जोशा सड़क की दुर्दशा पर रोष जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। कहा है कि मदकोट गोरी पुल के पास गोल्मा-जोशा आदि गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर पुल का निर्माण होना था। एक साल पहले इसके लिए कटिंग की गई, लेकिन पुल का निर्माण नहीं किया गया। हर साल बरसात में आवागमन बाधित होता है।
हरकोट नंदा मंदिर की सुरक्षा दीवार ढही
पिथौरागढ़। बारिश के दौरान बृहस्पतिवार को हरकोट नंदा मंदिर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है, इससे प्राथमिक पाठशाला को जाने वाले रास्ते पर मलबा पट गया है। पेयजल योजना को नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रही बारिश से लोग भयभीत हैं। लोगों ने रास्ते, पेयजल योजना और मंदिर की सुरक्षा दीवार की मरम्मत करने की मांग की है।