आदि कैलाश क्षेत्र में बर्फबारी के बाद पार्वती कुंड का पानी जम गया है तो गौरी कुंड जाने वाला पैदल मार्ग बंद हो गया है। पानी जमने से श्रद्धालु पार्वती कुंड में पवित्र स्नान नहीं कर पा रहे हैं इससे उनमें निराशा है। वहीं जाड़ों के शुरुआती दौर में ही अधिक बर्फबारी होने से स्थानीय लोग भी हैरत में हैं।
दरअसल, बीते 25 सितंबर को आदि कैलाश में चार से पांच फीट और ओम पर्वत मे दो फीट बर्फबारी हुई। भारी हिमपात के चलते गौरी कुंड को जोड़ने वाला दो किलोमीटर पैदल मार्ग और लिपुलेख सड़क बंद है। सोमवार को यात्रा पूरी कर धारचूला पहुंचे ओड़िशा से आए यात्री देवी प्रसाद बेहरा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया की उनके साथ 23 लोगों का दल आदि कैलाश गया था। ओम पर्वत, आदि कैलाश पर्वत, शिव-पार्वती मंदिर, पार्वती कुंड और भीम की खेती धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सभी अभिभूत हैं। लेकिन भारी बर्फबारी से पार्वती कुंड का पानी जमने से उन्हें और उनके साथियों को इसमें पवित्र स्नान का सौभाग्य प्राप्त नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि पार्वती कुंड और भीम की खेती में अब भी पांच से छह इंच बर्फ जमा है।
सितंबर में भारी हिमपात होने पर हैरत
कुटी के होम स्टे संचालक कुंवर सिंह कुटियाल ने बताया की सितंबर माह में इतनी बर्फबारी होना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। उन्होंने बताया पिछले कई वर्षों से अक्टूबर महीने के अंतिम सप्ताह में हिमपात होता था। इस बार काफी समय पहले की बर्फबारी शुरू हुई है जो सुखद भी है और आश्चर्य भी। वहीं कुटी के प्रधान नगेंद्र कुटियाल ने कहा कि प्रशासन को गौरी कुंड का पैदल मार्ग जल्द खोलना होगा ताकि श्रद्धालु इसमें पवित्र स्नान कर सकें। आदि कैलाश मंदिर के पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल और विरेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि क्षेत्र में भारी बर्फबारी होने से वे पिछले 10 दिनों से पूजा-अर्चना के लिए नहीं जा पाए हैं। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन में रास्ता खुलेगा और पूजा-अर्चना शुरू होगी। वहीं यात्री भी मंदिर के दर्शन कर सकेंगे।