तल्ला और मल्ला मोरी के बीच बना लकडी का अस्थायी पुल। संवाद
पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील के तल्ला और मल्ला मोरी के बीच चार साल में पुल नहीं बन सका है। यहां के लोग लकड़ी के लट्ठों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। मानसून काल में एकमात्र मार्ग पर मोरी नाले का जलस्तर बढ़ने से 400 की आबादी प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने जल्द पुल निर्माण करने की मांग की है।
तल्ला मोरी और मल्ला मोरी गांवों में 20 से अधिक परिवार रहते हैं। इन दोनों गांवों के बीच में नाला पड़ता है। बरसात में यह नाला उफना जाता है। वर्ष 2020 से पहले यहां पक्का पुल था। 28 जुलाई 2020 को हुई भारी बारिश से पुल बह गया था। अब प्रतिवर्ष मानसून काल में ग्रामीण लकड़ी की दो बल्लियों से अस्थायी पुल तैयार कर आवाजाही करते हैं। यह नाला इन दिनों उफान पर है। नाले का जलस्तर बढ़ने से दोनों गांवों के लोगों का संपर्क एक दूसरे से नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय युवक गोविंद परिहार का कहना है कि इस स्थान पर लगातार पुल निर्माण की मांग उठाई जा रही है। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द पक्का पुल बनाने की मांग की है।