सैन्य क्षेत्र में आवाजाही के रास्ते रोकने के विरोध में कुसौली क्षेत्र के ग्रामीणों ने वड्डा रोड के ठुलीगाड़ के पास साढ़े चार घंटे तक जाम लगा दिया। जाम में दोनों ओर भारी संख्या में वाहन फंसे रहे। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। तहसीलदार की सैन्य अधिकारियों से वार्ता के बाद मिले आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कुसौली के ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह के नेतृत्व में इलाके के पुरुष, महिलाओं का हुजूम मंगलवार सुबह 9.30 बजे जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर ठुलीगाड़ के पास स्थित गुरुद्वारे पर एकत्र हुए। इन लोगों ने सड़क पर अवरोध लगा दिए और वहीं धरने पर बैठ गए। लोगों का कहना था कि सेना को स्थानीय लोगों ने ही छावनी के लिए अपनी बेशकीमती जमीन दी। आज उन्हीं लोगों के आवागमन के रास्तों को रोकने का काम किया जा रहा है। प्रधान रघुवीर सिंह ने कहा कि कुसौली को जाने वाले मुख्य सड़क पर सेना द्वारा गेट बनाया जा रहा है। अन्य रास्तों को भी बंद किया जा रहा है। सड़क और रास्ते बंद होने से कुसौली के साथ ही कनारीपाभें, देवत, पधड़ा, कुम्डार आदि 12 गांवों के लोग प्रभावित हो गए हैं। कुसौली गांव की 1500 आबादी के पास सैन्य क्षेत्र के रास्तों के अलावा आवागमन का कोई साधन नहीं है। ग्रामीण दशकों से इन्हीं रास्तों का प्रयोग कर रहे हैं।
भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, सांसद प्रतिनिधि गणेश भंडारी, गोलू पाठक ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया। वहीं, जाम की सूचना पर तहसीलदार हरी राम, पुलिस उपाधीक्षक हिमांशु शाह, कोतवाल ध्यान सिंह मौके पर पहुंचे। तहसीलदार और कोतवाल ने छावनी में जाकर सैन्य अधिकारियों से वार्ता की। तहसीलदार ने वार्ता की जानकारी आंदोलनकारियों को देते हुए कहा कि 18 अप्रैल को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी की मौजूदगी में सैन्य अधिकारी ग्रामीणों से बात करेंगे। उन्होंने बताया कि सेना मुख्य गेट को कभी बंद नहीं करने का लिखित आश्वासन देने को तैयार है। वार्ता से संतुष्ट होकर दोपहर दो बजे जाम खोल दिया। इस दौरान होशियार सिंह, शंकर सिंह, भगवान सिंह, हिम्मत सिंह, देव सिंह आदि लोग शामिल थे।
रक्षा मंत्री के सामने रखा जाएगा मामला
भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, सांसद प्रतिनिधि गणेश भंडारी, गोलू पाठक ने गांवों का रास्ता रोकने को गलत बताते हुए कहा कि सेना को ग्रामीणों की समस्या का ध्यान रखना चाहिए। आवाजाही के लिए रास्तों की व्यवस्था करनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। इन लोगों ने मामले को सांसद अजय टम्टा के माध्यम से रक्षा मंत्री के सामने रखने की बात कही।
महिलाओं में था जबरदस्त गुस्सा
जामस्थल पर पहुंची कुसौली की महिलाओं में रास्ते बंद करने को लेकर सेना के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा था। लक्ष्मी देवी, पुष्पा देवी, कमला देवी, जानकी देवी, सावित्री भट्ट, बबीता बिष्ट का कहना था कि पिथौरागढ़ में सैन्य छावनी बनने से पहले से प्रचलित रास्तों को सेना द्वारा बंद किया जा रहा है। सेना रास्तों को रोकना जरूरी समझती है तो गांवों को जाने के लिए अलग से रास्तों की व्यवस्था सेना को करनी चाहिए।
जाम से लोग परेशान
जाम के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा। जिला मुख्यालय और झूलाघाट को आने-जाने वाले वाहनों के ठुलीगाड़ में जाम में फंसने से लोगों को वाहन वहीं पर छोड़ कर कुछ दूरी तक सिर पर सामान ढोना पड़ा। जामस्थल से बाहर आकर लोग दूसरे वाहनों से गंतव्य को रवाना हुए।