लोहाघाट (चंपावत)। पांच गांव सुई और बीस गांव विशुंग का सामूहिक मेला आषाढ़ी कौतिक वायुरथ महोत्सव रविवार 23 अगस्त से शुरू होगा। महोत्सव की तैयारियों को आयोजक संस्था सामाजिक उत्थान एवं शैक्षिक, सांस्कृतिक खेल समिति ने अंतिम रूप दे दिया है। महोत्सव के शुभारंभ पर रविवार शाम चार बजे सुई और विशुंग गांवों की महिलाओं की ओर से कलश यात्रा निकाली जाएगी।
यात्रा मां भगवती मंदिर होते हुए पवित्र प्योली डोली के साथ शिव मंदिर पहुंचेगी। यहां पवित्र जल से जलाभिषेक के बाद महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ होगा। इस दौरान मां भगवती की गुप्त प्योली को रथ में आरूढ़ कर शिव मंदिर की परिक्रमा कराई जाएगी। महोत्सव का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी करेंगे। मां भगवती की ढकी हुई गुप्त प्योली को पुजारी आदित्य शिव मंदिर लाएंगे। इसके बाद रक्षाबंधन तक मां भगवती अपने ससुराल शिव मंदिर में विराजमान रहेंगी।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन निकलने वाला मां भगवती का वायुरथ होगा। मान्यता के अनुसार वायुरथ बिना रस्सों के सहारे वायु वेग से सुई और विशुंग की करीब 25 किलोमीटर लंबी यात्रा पूरी कर देर रात शिव मंदिर लौटेगा। महोत्सव समिति के संरक्षक सचिन जोशी, अध्यक्ष श्याम चौबे और भुवन चौबे ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से शाम 7:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव की तैयारियों में कैलाश पांडेय, महेश पांडेय, गौरव पांडेय, योगेश ओली, त्रिभुवन चंद्र तिवारी, प्रेम चौबे, हयात सिंह माहरा, हर सिंह बिष्ट, बृजेश माहरा, नीरज करायत, नितिन मुरारी, सुनील चौबे, मयंक ओली, पंकज पुजारी, डॉ. महेश ढेक, प्रकाश खर्कवाल और मदन पुजारी सहित समिति के सदस्य जुटे हुए हैं।