ऐतिहासिक और व्यापारिक महत्व के जौलजीबी मेले में इस बार भी राफ्टिंग का प्रशिक्षण चलाया जाएगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम को यह जिम्मेदारी दी गई है। महाकाली में स्थानीय युवाओं के साथ-साथ मेले में आने वाले पर्यटकों को भी राफ्टिंग सिखाई जाएगी।
केएमवीएन के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि 14 नवंबर से राफ्टिंग का प्रशिक्षण शुरू होगा और मेला समापन तक यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी बड़ी संख्या में लोगों ने राफ्टिंग की थी। महाकाली में इस सीजन में राफ्टिंग आसानी से हो जाती है। नदी का जलस्तर राफ्टिंग के लिए बेहद अनुकूल रहता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि राफ्टिंग के लिए पंजीकरण करा लें। युवाओं को प्रशिक्षण में वरीयता दी जाएगी।
रात 11 बजे तक चलेंगी टैक्सियां
जौलजीबी मेले के दौरान टैक्सियों का संचालन रात 11 बजे तक होगा, ताकि मेला देखने को आने वाले लोग अपने घरों को जा सकें। हर टैक्सी में किराया सूची लगाई जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर पुलिस की सख्त नजर रहेगी। वाहन चालकों की चेकिंग के लिए मेले के दौरान पुलिस दो अल्कोमीटर रखेगी और लगातार चेकिंग की जाएगी।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगी वरीयता
जौलजीबी मेले में स्थानीय उत्पादों को लेकर आने वालों को वरीयता से स्टाल उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय बुनकरों को भी स्टाल दिए जाएंगे। मेले में खाद्य पदार्थों की चेकिंग के लिए जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को चेकिंग की जिम्मेदारी दी गई है। डीएम डा. रंजीत सिन्हा ने बताया कि इस बार मेला आकर्षक होगा।