जिला मुख्यालय में तीन दिनी कृषि महोत्सव शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मोबाइल फोन से कृषि महोत्सव में आए किसानों को संबोधित किया। महोत्सव का उद्घाटन पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर और गंगोलीहाट के विधायक नारायण राम आर्य ने किया।
मोबाइल फोन से मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महोत्सव से किसानों को जहां नई कृषि तकनीक की जानकारी मिलेगी, वहीं राज्य सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ मिलेगा। कहा कि राज्य में किसानों के हितों के संरक्षण के लिए कृषि आयोग का गठन किया गया है। आयोग के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कहा सरकार किसानों के भले के लिए भविष्य में चकबंदी और कलस्टर बेस पर कृषि करने की योजना तैयार कर रही है। बंजर खेतों में कृषि पैदावार बढ़ाने के लिए पट्टे पर भूमि देने की व्यवस्था की जा रही है। फसल की रक्षा के लिए एक अरब रुपए की लागत से बंदरबाड़े बनाए जा रहे हैं। हरिद्वार और अल्मोड़ा में इसका काम शुरू हो गया है। जंगली सुअरों को मारने की अनुमति दी जा रही है।
जिलाधिकारी डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि, औद्यानिक, पशुपालन, मत्स्य पालन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए महोत्सव को दो दिन के स्थान पर तीन दिन का कर दिया है। अब महोत्सव का समापन 17 दिसंबर को होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, नगर पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, राज्य सहकारी परिषद के उपाध्यक्ष महेंद्र लुंठी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने भी विचार रखे। इस दौरान विण की ब्लॉक प्रमुख अंजू लुंठी, कनालीछीना के प्रमुख प्रशांत भंडारी, मुनस्यारी के प्रमुख नरेंद्र रावत समेत तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे। महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रम हुए। कृषि विभाग की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
किसानों को बांटे कृषि उपकरण
महोत्सव में पहले दिन किसानों को 8 पावर विडर, 4 गेहूं थ्रेसर, 150 स्प्रे मशीन, 1 ट्रिलर मशीन बांटी गई। 3 प्रगतिशील किसानों को 25-25 हजार रुपए के किसान भूषण पुरस्कार, 9 किसानों को 10-10 हजार रुपए के किसान श्री-पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 40 महिला समूहों को सीड कैपिटल राशि के तहत 5-5 हजार रुपए के चेक बांटे गए। खुले में शौच से मुक्त वाले ग्राम पंचायतों के 32 प्रधानों को सम्मानित किया गया। श्रम विभाग की ओर से 600 टूल किट बांटे गए। महोत्सव में विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा, कृषि रक्षा अनुसंधान पिथौरागढ़ आदि के 50 कृषि स्टाल लगाए गए हैं।