गोरीपार को जाने वाला यही अस्थायी पुल बह गया
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गोरीपार के 13 गांवों को जोड़ने वाला अस्थायी पैदल पुल बृहस्पतिवार रात भारी बारिश के दौरान बह गया। इससे गोरीपार के लोगों के समक्ष संकट गहरा गया है। गोरीपार जाने के लिए बसंतकोट में पहले झूलापुल था, लेकिन यह पुल जून 2013 में आई आपदा के समय बह गया था। गोरीपार के लोगों के व्यापक आंदोलन के बाद लोनिवि ने इस स्थान पर लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार किया। इससे लोग आवाजाही कर रहे थे। बृहस्पतिवार रात यह पुल भी बारिश की भेंट चढ़ गया है। बसंतकोट के प्रधान रुद्र सिंह ने आपदा नियंत्रण कक्ष को इसकी जानकारी दी है।
गोरीपार के लोग लंबे समय से गोरी नदी में झूलापुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर वर्ष 2013 से लगातार आंदोलन हो रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन भी किया था। प्रशासन ने तत्काल समाधान तो नहीं निकाला, लेकिन प्रदर्शन करने वाले 50 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करा दिया। एक बार फिर से गोरीपार के लोगों के सामने वही समस्या खड़ी हो गई है।
आपदा के इस दौर में उस इलाके में लोनिवि ने कोई जेई तैनात नहीं किया है। गोरीपार के लोगों की आवाज उठाने वाले भाजपा नेता जगत सिंह मर्तोलिया का कहना है कि यदि पुल का निर्माण जल्दी नहीं होता तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इधर, एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने कहा कि लोगों की आवाजाही के लिए जल्दी ही अस्थायी पुल बनाया जाएगा।