पिथौरागढ़ में फायरिंग करते भारत और नेपाल के सैनिक
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छावनी क्षेत्र में चल रहे भारत और नेपाल के सैनिकों के संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान शुक्रवार अपरान्ह चार बजे से विभिन्न स्थानों पर फायरिंग की गई। सैनिकों की निशानेबाजी की क्षमता परखने के लिए यह अभ्यास हुआ। सैनिकों के लिए सटीक निशाना लगाना अनिवार्य होता है।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि सैन्य अभ्यास के दौरान फायरिंग सबसे अहम गतिविधि में शामिल है। संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान सैनिक आपदा से निपटने और आतंकवाद से निपटने के गुर सीख रहे हैं। दोनों देशों की सेनाएं समय-समय पर संयुक्त सैन्य अभ्यास करती रहती हैं। शुक्रवार को फायरिंग में दोनों देशों के कुल 300 सैनिक शामिल हुए। फायरिंग के लिए चार रेंज बनाए गए। सेना के उच्चाधिकारियों ने फायरिंग का निरीक्षण किया और सैनिकों को उचित निर्देश दिए। फायरिंग के निरीक्षण के समय एकता शक्ति बटालियन के कर्नल नवीन राजन, नेपाल सेना के ले. कर्नल सुधीर केसी, भारतीय सेना के मेजर एआर चेथिया, मेजर प्रतीक सक्सेना, नेपाल के मेजर पुष्कर थापा, मेजर कौस्तुभ सिंह राठौर आदि शामिल थे।
भारत और नेपाल की सेना का यह संयुक्त अभ्यास 20 मार्च तक चलेगा। इस दौरान दोनों देशों के जवान आपसी तालमेल से विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे। पर्वतीय अंचल में युद्धकला में महारत हासिल करने की दृष्टि से इस अभ्यास को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि सात मार्च से शुरू हुए सैन्य अभ्यास के दौरान अब तक किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। दोनों देशों के सैनिकों को एक दूसरे को समझने में काफी मदद मिल रही है।