कैलास यात्रियों का दूसरा जत्था
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौटे दूसरे दल के यात्रियों को मंगलवार को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। पिथौरागढ़-धारचूला सड़क खुलने से यात्री लंच के लिए यहां पर्यटक आवासगृह पहुंचे। दल में आठ महिलाओं समेत 47 यात्री हैं। एक यात्री का स्वास्थ्य खराब होने के कारण गुंजी से हेलीकॉप्टर से लाना पड़ा था। दल के सदस्य अपरान्ह चार बजे यहां से जागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गए हैं। यह दल सात जुलाई को दिल्ली पहुंचेगा।
पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी एवं उनके स्टाफ के लोगों ने यात्रियों का स्वागत किया। दल के लायजन आफीसर एसके मिश्रा ने कहा कि सिर्फ एक यात्री को छोड़ किसी भी यात्री को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि यदि यात्रा संचालन में आईटीबीपी और केएमवीएन मदद न करें तो यात्रा कर पाना संभव नहीं होगा।
हर दल के साथ दो डॉक्टर भेजे जाएं
दूसरे कैलास मानसरोवर यात्री दल के लायजन आफीसर एसके मिश्रा का कहना है कि हर यात्री दल के साथ दो डॉक्टर भेजे जाने चाहिए। गृह मंत्रालय दिल्ली में निदेशक के पद पर कार्यरत मिश्रा ने कहा कि तिब्बत में यात्रियों को चिकित्सा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वह कहते हैं कि यदि डॉक्टरों को अलग से भेजने की व्यवस्था न हो पाए तो उनको लायजन आफीसर एवं डिप्टी लायजन आफीसर का पद देकर यात्रा पर भेजा जाए। वह कहते हैं कि तिब्बती क्षेत्र में अन्य व्यवस्थाएं ठीक ठाक हैं। यात्रा में थोड़ा बहुत कष्ट हो तो उसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए।