पिथौरागढ़। स्थानीय जूनियर हाईस्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी जड़ों से जुड़ाव की एक खूबसूरत मिसाल पेश की है। शनिवार को रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे छात्र-छात्राएं जब झूमते हुए स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने शिक्षकों से पढ़ाई के बजाय होली गायन की अनुमति मांगी। विद्यार्थियों का अपनी संस्कृति के प्रति यह समर्पण देख प्रधानाध्यापक लीला धामी और विज्ञान अध्यापक डॉ. सीबी जोशी ने न केवल अनुमति दी, बल्कि स्वयं भी उनका साथ दिया।
पूरे दिन स्कूल परिसर ढोलक की थाप और हारमोनियम की सुरीली धुन से गूंजता रहा। विद्यार्थियों ने प्रार्थना सभा से लेकर कक्षाओं तक सुरीले स्वर बिखेरे और छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। डॉ. जोशी ने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों का अपनी विरासत और लोक संस्कृति से जुड़ना सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।