टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट के पास खराबी आने से खड़ी बस और धूप में राहत का इंतजार करते यात्री
पिथौरागढ़। रोडवेज की खटरा बसें यात्रियों के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। ऐसा ही हुआ टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट के पास। बरेली से यात्रियों को लेकर आ रही रोडवेज बस घाट की चढ़ाई पर हांफ गई। खराबी आने से बस आगे नहीं बढ़ सकी और यात्री चिलचिलाती धूप में बेहाल रहे। घंटों इंतजार के बाद यात्रियों को दूसरी बस भेज कर जिला मुख्यालय लाया गया।
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में मौजूद 54 में सिर्फ 21 बस नई हैं। नई बसें न मिलने से डिपो के लिए विभिन्न रूटों पर पुरानी खटारा बसों का संचालन करना मजबूरी बना है जो आए दिन यात्रियों को बीच राह में धोखा दे रही हैं। मंगलवार को बरेली रूट पर संचालित पुरानी बस (यूके 07 पीए 3197) घाट पहुंची जिसमें 21 यात्री सवार थे। घाट चौकी से ऊपर चढ़ाई पर बस में अचानक खराबी आ गई और यह बीच सड़क पर खड़ी हो गई।
चालक-परिपचालक की तमाम कोशिशों के बाद भी बस ठीक नहीं हुई। ऐसे में यात्रियों को प्रचंड गर्मी के बीच बस में बैठ कर उसके ठीक होने का इंतजार करना पड़ा। सूचना पर डिपो प्रबंधन ने जिला मुख्यालय से दूसरी बस घाट भेजी। करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद यात्री दूसरी बस से जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो सके।
बस में सवार यात्री पीपली निवासी किशन राम, बिण निवासी कैलाश पांडे ने कहा कि पुरानी-खटारा बसों का संचालन कर यात्रियों की सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। ऐसा करना यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि पुरानी बसों में सफर करना यात्रियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
कोट
बरेली रूट पर संचालित बस की फैन बेल्ट टूट गई थी। यात्रियों के लिए दूसरी बस भेजी गई। डिपो यात्रियों की सुविधा का ध्यान रख रहा है। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो