आरोपी सिपाही गणेश प्रसाद को कोर्ट ले जाती पुलिस
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नैनीताल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मनोज तिवारी के वयोवृद्ध पिता की कार को टक्कर मारने वाले आरोपी पुलिस कर्मी गणेश प्रसाद को कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद अदालत ने आरोपी पुलिस कर्मी को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। इधर पुलिस आरोपी सिपाही के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच में जुट गई है। जांच के तहत आरोपी सिपाही का पिछला आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। दूसरी ओर बागेश्वर में आरोपी को सस्पेंड करने के बाद प्रतिकूल प्रविष्टि की तैयारी शुरू हो गई है।
रविवार को जांच अधिकारी पीआर पंतोला और पुलिस कर्मियों ने आरोपी सिपाही को अदालत पेश किया। सीओ शेखर सुयाल ने बताया कि एफआईआर के अवलोकन के बाद अदालत ने आरोपी सिपाही को जमानत पर रिहा कर दिया है। इधर, पुलिस ने आरोपी सिपाही के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत उसका पिछला आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। ड्यूटी के दौरान सिपाही के आचरण और कार्यप्रणाली की भी जांच कराई जा रही है। वहीं, बागेश्वर में आरोपी को ड्यूटी से सस्पेंड करने के बाद प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्यवाही भी शुरू हो गई है।
बागेश्वर एसपी मुकेश चौहान ने बताया कि आरोपी सिपाही के खिलाफ चल रही जांच के साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। गौरतलब है कि शनिवार को शराब के नशे में धुत्त आरोपी सिपाही ने नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज तिवारी के वयोवृद्ध अधिवक्ता पिता नंदाबल्लभ तिवारी की कार को टक्कर मार दी थी। आरोपी सिपाही ने अधिवक्ता के साथ जमकर अभद्रता भी की। इसके बाद पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया था।