पिथौरागढ़। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जारा जिबली का उच्चीकरण कर इसी शिक्षा सत्र से इंटर की कक्षाएं संचालित करने की मांग पर ग्रामीणों का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने देवताओं को समर्पित वाद्य यंत्रों के साथ कलक्ट्रेट परिसर के चारों तरफ जुलूस निकालकर सोए सिस्टम को जगाने की कोशिश की। मुख्य अनशनकारी रमेश सिंह धामी को स्वास्थ्य में गिरावट की वजह से देर शाम करीब आठ बजे पुलिस प्रशासन ने आमरण अनशन स्थल से जबरन उठा लिया। यहां से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चौथे दिन ग्रामीणों ने भाकर और नगाड़े बजाते हुए मुंह पर काली पट्टी बांधकर कलक्ट्रेट परिसर के चारों ओर जुलूस निकाला। ग्रामीणों ने कहा कि जाराजिबली विद्यालय का उच्चीकरण होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। 85 वर्षीय बुजुर्ग सेवानिवृत्त शिक्षक खड़क सिंह बिष्ट ने कहा कि वह खुद आमरण अनशन करने के लिए तैयार हैं। 71 वर्षीय कुसमा देवी ने कहा कि क्षेत्र के अनेक बच्चे हाईस्कूल के बाद घर बैठे हैं। सरकार को इस गंभीर समस्या को देखते हुए शीघ्र उचित कदम उठाने चाहिए।
आंदोलन को समर्थन देते हुए कांग्रेस नेता रमेश चंद्र कापड़ी ने कहा कि एक तरफ कई इंटर कॉलेज बंद हो रहे हैं। वहीं लंबे समय से इंटर की कक्षाएं शुरू करने की ग्रामीणों की मांग की अनदेखी की जा रही है। बीडीसी सदस्य रमेश सिंह धामी आमरण अनशन पर डटे रहे। यहां उप प्रधान विक्रम सिंह, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भगत सिंह, पूर्व बीडीसी मेंबर जयंती देवी, रूप सिंह धामी, वीर विक्रम सिंह, रतन सिंह, जगजीवन सिंह समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।