प्रदर्शन करते वाहन चालक और व्यापारी
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झूलाघाट से पिथौरागढ़ जाने वाली सड़क की दुर्दशा के खिलाफ रविवार को टैक्सी मालिकों और व्यापारियों ने लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन किया। बीते दिनों भारी बारिश के दौरान सड़क मलबे से पट गई थी। तब लोनिवि ने सिर्फ वाहनों के चलने लायक ही मलबा हटाया। मलबे के ढेर सड़क के किनारे लगे हैं। इस कारण वाहन संचालन में भारी जोखिम हो रहा है। आक्रोशित टैक्सी चालकों ने दो घंटे तक वाहनों का संचालन बंद किया और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क की दशा नहीं सुधरी तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
प्रदर्शन में व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी, बबलू चंद, जीवन प्रसाद, अतुल डिकटिया, राजू चंद, अनिल चंद, देवेंद्र महर, दिनेश भट्ट, दीपक आदि शामिल हुए। व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क में सामान लदे ट्रकों को लाने में भी दिक्कत हो रही है। सड़क ऐसी हालत में है कि यह फिर से बारिश के दौरान बंद हो जाएगी।
मुआवजा नहीं मिला तो कैलास यात्रा में बाधा डालेंगे
धारचूला (पिथौरागढ़)। वर्ष 2013 की आपदा से प्रभावित टैक्सी चालकों ने मुआवजे का भुगतान नहीं होने पर वह कैलास मानसरोवर यात्रा में बाधा डालने का एलान किया है। उन्होंने इस बाबत जिलाधिकारी एचसी सेमवाल और वन विकास निगम के प्रबंधक हरीश धामी को ज्ञापन दिया है। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष केशर सिंह धामी ने कहा कि आपदा के बाद कई वाहन चालकों की गाड़ियां रोड बंद होने के कारण एक वर्ष से ज्यादा समय तक सोबला और कंज्योति में फंसी रह गई। मुख्यमंत्री ने धारचूला दौरे के समय वाहन स्वामियों को आश्वासन दिया था कि उनको मुआवजे की राशि दी जाएगी। साथ ही रोड टैक्स माफ किया जाएगा, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि 10 जून तक मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं होता तो सभी टैक्सी मालिक कैलास यात्रा में खलल डालेंगे।