अस्कोट को प्रस्तावित डीडीहाट जिले का मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर लोग अब सड़कों में उतरने लगे हैं। रविवार को लोगों ने अस्कोट में प्रदर्शन कर जिला मुख्यालय की वकालत की।
प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता महेश भंडारी, गोविंद पाल, जगत मुनौला, कुंडल भंडारी, चंद्र सिंह बसेड़ा, रोहित उपाध्याय, पंकज कुमार, मनोज लुंठी, वीर सिंह, मनमोहन पंत, प्रभाकर पंत, तेज सिंह बिष्ट, मनोहर सिंह, संतोष मुनौला, महेश पाल, तनुज पाल, वीरजंग पाल, आनंद बल्लभ ओझा ने कहा कि अस्कोट प्राचीन राजधानी रहा है। अंग्रेजों के समय में अस्कोट को परगने का दर्जा हासिल था, लेकिन देश की आजादी के 69 साल बाद भी अस्कोट अलग से प्रशासनिक इकाई नहीं बन पाई। ऐतिहासिक अस्कोट को सरकार को महत्व देना ही चाहिए।
इन लोगों ने कहा कि अस्कोट धारचूला, मुनस्यारी, जौलजीबी, डीडीहाट के केंद्र में है। यहां जिला मुख्यालय स्थापित करने के लिए पर्याप्त जमीन है। इन लोगों ने इस मुद्दे में शीघ्र मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया है।