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मेरा रूप देखके चंद्रमा शरमा गया, अरु छुप गया...

Thu, 28 Sep 2017 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/गंगोलीहाट/बेड़ीनाग/थल
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बेड़ीनाग की रामलीला में शिव धनुष तोड़ने को तैयार राम - फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय सदर की रामलीला में सूर्पणखा के नाक-कान काटने और खर-दूषण वध का रोचक मंचन किया गया। वहीं, टकाना, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल में रामलीला जारी है।
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रामलीला सदर की रामलीला में पंचवटी में कुटिया में बैठे भगवान राम और लक्ष्मण पर रावण की बहन सूर्पणखा रीझ जाती है। वह नाना प्रकार से राम और लक्ष्मण को रिझाने की कोशिश करती है। राम और लक्ष्मण पर प्रभाव डालने के लिए कहती है-मेरा रूप देखके चंद्रमा शरमा गया अरु छुप गया, मोपे इंद्र मोहित हो गया, मुझे देख ऋषियन तप गया। जब सूर्पणखा की उदंडता बढ़ती है तो भगवान राम के इशारे पर लक्ष्मण सूर्पणखा के नाक-कान काट देते हैं। सूर्पणखा अपने भाई खर और दूषण को बुलाकर लाती है। भगवान राम के हाथों खर-दूषण सेना सहित मारे जाते हैं।

गंगोलीहाट की रामलीला में कोपभवन में बैठी कैकेई को राजा दशरथ नाना प्रकार से मनाते हैं, लेकिन कैकेई नहीं मानती। दशरथ-कैकेई, राम-सीता, राम-कौशल्या के बीच संवाद की लीला मंचित की गई। बेड़ीनाग की रामलीला में धनुष यज्ञ, राम-सीता विवाह का मंचन किया गया। परशुराम और लक्ष्मण के बीच सुंदर संवाद हुआ। थल की रामलीला में वनवास का सुंदर मंचन किया गया। रामलीला को देखने के लिए दूरदराज से लोग पहुंच रहे हैं।
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