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पस्त पड़े बाजार ने बढ़ाई व्यापारियों की मुसीबत

Wed, 16 Nov 2016 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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व्यापारियों की मुसीबत - फोटो : अमर उजाला
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रुपए की कमी से जहां किराना, सोना, सब्जी, फल, कपड़ा व्यवसाय प्रभावित हुआ है, वहीं इसका असर होटल व्यवसाय पर भी पड़ा है। अब होटलों में देर रात तक खाने-पीने वालों का जमघट नहीं लग रहा। कुछ गिने चुने लोग ही सादा भोजन करने लिए होटलों में जा रहे हैं। मुर्गा, मीट की बिक्री गिरी है। रहने के होटलों में ग्राहकों अब नहीं आ रहे हैं। नौ नवंबर के बाद तो ग्राहकों में ब्रेक सा लग गया है। होटलों में होने वाली छोटी किटी पार्टी, बर्थडे पार्टी की बुकिंग नहीं आ रही है।
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होटल व्यवसाय पर नोटबंदी का बड़ा असर पड़ा है। कई होटल तो ऐसे हैं, जिनमें पिछले पांच दिनों से एक भी ग्राहक नहीं पहुंचा। अभी यदि यह स्थिति ज्यादा लंबी खिंचती है तो होटल मालिकों को कर्मचारियों का वेतन निकाल पाना मुश्किल हो जाएगा। खाने और रहने के होटलों में 1000, 500 का नोट नहीं लिया जा रहा है। इधर, मुख्य बाजार में भी बिक्री में गिरावट का दौर जारी है। हर व्यापारी इसी फिक्र में है कि कब बाजार संभलेगा और व्यापार गति पकड़ने लगेगा।

बिक्री में 60 फीसदी तक की गिरावट
बैंक रोड के होटल व्यवसायी अजय रावत का कहना है कि नौ नवंबर के बाद बिक्री में 60 फीसदी तक गिरावट आ गई है। गांवों से ग्राहक अब नहीं आ रहे हैं। सरकारी दफ्तरों के काम के लिए आने वाले होटलों में पहुंचते थे लेकिन अब गांवों से लोग शहर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को बैंकों से पर्याप्त पैसा मिल जाता तो स्थिति जल्द सुधर जाती।
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होटलों में रहने वालों की संख्या घटी
होटल व्यवसायी प्रकाश भट्ट का कहना है कि होटलों में रात्रि विश्राम के लिए आने वालों की संख्या में जबर्दस्त गिरावट आई है। वह कहते हैं कि कई दिन तक एक कमरा भी नहीं लग पा रहा है। यह फैसला लेने के तुरंत बाद यदि बैंकों में पर्याप्त धन की व्यवस्था हो जाती तो व्यवसाय में गिरावट नहीं आती। सरकार को चाहिए कि लोगों को धन निकालने की छूट देनी चाहिए।

अवैध शराब का धंधा भी चौपट
नगर के खोमचों, ढाबों में बिकने वाली अवैध शराब पर अचानक अंकुश लग गया है। अब लोगों के पास पीने के लिए पैसों की किल्लत हो गई है। एक व्यवसायी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि नौ नवंबर के बाद लगातार अवैध शराब की बिक्री कम हुई है। अनुबंधित दुकानों से भी शराब की बिक्री गिरी है।
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