पिथौरागढ़ में खड़ी खुशियों की सवारी
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ईंधन की कमी से महिला जिला अस्पताल में खुशियों की सवारी का एक वाहन तीन दिनों से खड़ा है। शेष दो वाहनों में भी रिजर्व में ईंधन चल रहा है। ऐसे में दूरदराज से आने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद निजी वाहनों से घर जाना पड़ रहा है। यदि ईंधन की व्यवस्था नहीं हुई तो 108 वाहनों के पहिये भी जाम हो सकते हैं।
आपातकाल में लोगों की मददगार 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी इस समय संकट से जूझ रही है। कंपनी से फंड नहीं मिलने से इन वाहनों को ईंधन नहीं मिल पा रहा है। पिथौरागढ़ जिले में नौ 108 वाहन और इतने ही खुशियों की सवारी के वाहन हैं। 108 वाहन सभी विकासखंडों में तैनात हैं। तीन खुशियों की सवारियां जिला महिला अस्पताल में तैनात रहती हैं। इस अस्पताल में जिले भर से प्रसव के लिए महिलाएं आती हैं।
प्रसव के बाद महिलाओं को इन वाहनों में घर तक पहुंचाया जाता है। इस समय एक वाहन में तेल समाप्त होने से तीन दिन से सेवा बंद है, जबकि दो अन्य वाहनों में रिजर्व में ईंधन बचा है। ऐसे में लंबी दूरी के लिए वाहन ले जाने के लिए चालक कतरा रहे हैं। बता दें कि जुलाई में भी ईंधन की कमी हुई थी। बाद में डीएम के निर्देश पर पंप स्वामियों ने तेल की आपूर्ति सुचारु कर दी। एक बार फिर उसी तरह के हालात पैदा हो गए हैं।
दो माह से नहीं मिला वेतन
108 और खुशियों की सवारी में तैनात स्टाफ को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। 108 वाहन के चालकों सहित अन्य स्टाफ का कहना है कि समय पर वेतन देने की मांग करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दो माह से वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
ईंधन की समस्या पैदा हुई थी। इसका समाधान कर लिया गया है। पिथौरागढ़ में इंडियन ऑयल के जिस पंप से ईंधन भरा जाता है, उसमें ईंधन खत्म होने के कारण शुक्रवार को वाहनों में ईंधन नहीं भरा जा सका। शनिवार की सुबह सभी वाहनों में ईंधन की आपूर्ति हो जाएगी। कंपनी से फंड रिलीज होने की जानकारी मिली है। इसके बाद ईंधन की समस्या के समाधान के साथ ही कर्मचारियों को भी वेतन मिल जाएगा।
-प्रमोद भट्ट, जिला कोआर्डिनेटर, 108 पिथौरागढ़