अवैध खनन के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण
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अवैध खनन से खोखली हो रही पहाड़ी, दरकते पहाड़ और गांव, अस्पताल को खतरे के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई सामने न आने पर पाभें, देवत, कुम्डार के लोग भड़क गए। उन्होंने शुक्रवार को फिर सड़क पर उतरकर हल्ला बोला। साथ ही कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक नाकामी के खिलाफ जमकर बवाल किया। आंदोलन को भाजपा और आम आदमी पार्टी ने समर्थन दिया है। अवैध खनन का मामला अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद इलाके के लोग लामबंद हुए हैं।
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह, नाघर कुम्डार के प्रधान सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन को प्रशासन का संरक्षण मिला है। डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि अवैध खनन को बंद करने, खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की प्रशासन अनदेखी कर रहा है, जिस कारण लोगों को बार-बार प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
कहा कि अवैध खनन से पाभें, देवत, कुम्डार गांव के साथ ही सरकारी अस्पताल आपदा की चपेट में आने जा रहा है, लेकिन सरकारी तंत्र की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है। कहा कि खनन का अवैध धंधा बंद नहीं हुआ और खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में देवत के प्रधान गणेश दयाल, कुम्डार के सरपंच नरी राम, देवत की सरपंच प्रेमा बम, सुनील, भुवन वल्दिया आदि शामिल थे।