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धारचूला से रेफर गर्भवती ने एंबुलेंस में दिया बच्चे को जन्म

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108 एंबुलेंस में पैदा हुआ नवजात। अमर उजाला - फोटो : PITHORAGARH
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संसाधन न होने की वजह से जिले के अस्पताल रेफरल सेंटर बन कर रह गए हैं। नतीजतन, कई बार प्रसव पीड़िताओं का रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ रहा है, जो उनकी जान को और जोखिम में डालने जैसा है। रविवार की रात धारचूला से रेफर की गई गर्भवती ने आधे रास्ते में एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसी तरह शनिवार की रात भी एक महिला का 108 एंबुलेंस में प्रसव कराना पड़ा। हालांकि, दोनों मामलों में जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।
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रविवार रात कालिका निवासी प्रसव पीड़िता मंजू पत्नी मोहन सिंह को धारचूला अस्पताल से जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया। रात 10 बजे 108 एंबुलेंस से पिथौरागढ़ लाते समय पलेटा के पास प्रसव पीड़ा होने पर कनालीछीना के ईएमटी भावेश जोशी और मूनाकोट एंबुलेंस के ईएमसी शैलेश चंद ने सफल प्रसव कराया। महिला ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया। बाद में जच्चा-बच्चा को महिला अस्पताल पिथौरागढ़ में भर्ती किया गया।
इससे पूर्व 25 अगस्त की रात दो बजे जथेरी चमाली निवासी भावना ने भी एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। मूल रूप से नेपाल निवासी ललित की पत्नी भावना को रात्रि 11.30 बजे प्रसव पीड़ा हुई। 108 एंबुलेंस कच्ची सड़क होने के कारण डुंगरा से आगे नहीं जा सकी। 12.40 बजे जब एंबुलेंस तक पहुंचे तो उसे तीव्र प्रसव पीड़ा होने लगी। अस्पताल लाते समय गैस गोदाम के समीप एंबुलेंस को रोककर महिला प्रसव कराना पड़ा। बाद में जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 108 के जिला कोऑर्डिनेटर परमानंद पंत ने बताया कि लोगों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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