राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय क्वीटी के नवनिर्मित भवन का
आनन-फानन में बुधवार को उद्घाटन तो कर लिया गया है, लेकिन क्षेत्रवासी इससे
खुश नहीं हैं। क्वीटी के लोगों ने शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर 27
अगस्त को क्वीटी में महापंचायत का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद प्रशासनिक
मशीनरी हरकत आई। अस्पताल भवन में कई खामियों को अफसरों ने भी स्वीकार किया
है।
अस्पताल भवन का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र रावत, विधायक
प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल, एसडीएम जय भारत सिंह, सीएमओ डा. डीके
श्रीवास्तव और ग्राम प्रधान नीमा द्विवेदी की उपस्थिति में हुआ। सीएमओ ने
कहा कि यह भवन छह वर्षों से निर्माणाधीन था।
निर्माण के समय ही भवन का
छज्जा गिरना शुरू हो गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने 2014 में जांच के दौरान
निर्माण एजेंसी सीएनडीसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन अब तक कार्रवाई
नहीं हुई है। उद्घाटन से पहले सीएमओ ने भवन का निरीक्षण कर कई खामियां
पाईं, जिसमें छत में दरारें, कमरों में पानी नहीं और बिजली फिटिंग में पतले
तार पाए गए। उन्होंने कहा कि उद्घाटन तो हो रहा है, लेकिन जब तक निर्माण
कार्य सही और पूर्ण नहीं होगा, भवन हस्तांतरित नहीं होगा। बताया कि अस्पताल
के लिए बेड और फर्नीचर खरीदे जा रहे हैं। अधूरे भवन को लेकर एसडीएम ने कहा
कि उद्घाटन का कोई औचित्य नहीं रहा। निर्माण एजेंसी से कमियां दूर करने के
लिए लिखित में लिया जाए।
प्रधान नीमा देवी ने अफसोस जताते हुए कहा कि
ग्रामसभा में इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुआ लेकिन उनको समय पर सूचना नहीं
दी गई। क्षेत्र प्रमुख नरेंद्र रावत ने भवन में कोई भी कमी आए तो स्वयं ठीक
कराने और चहारदीवारी के कार्य को ब्लाक निधि से पूर्ण करने की बात कही है।