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Pithoragarh: दिल्ली और देहरादून से नैनीसैनी नहीं पहुंच पाया जहाज, घंटों इंतजार के बाद निराश घर लौटे यात्री

Tue, 08 Apr 2025 05:36 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

धुंध के कारण दिल्ली और देहरादून से विमान पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सका। अल्मोड़ा और हल्द्वानी हेलिकॉप्टर सेवा के लिए भी धुंध बाधक बनी। नतीजतन विमान और हेलीकॉप्टर सेवा कैंसिल होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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हेलीकॉप्टर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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जंगलों की आग से वातावरण में छा रही धुंध इतनी बढ़ चुकी है कि अब हवाई सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। मंगलवार को धुंध के कारण दिल्ली और देहरादून से विमान पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सका। अल्मोड़ा और हल्द्वानी हेलिकॉप्टर सेवा के लिए भी धुंध बाधक बनी। नतीजतन विमान और हेलीकॉप्टर सेवा कैंसिल होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 80 से अधिक यात्री विमान और हेलीकॉप्टर में सफर करने के लिए एयरपोर्ट और हेलीपैड पहुंचे लेकिन घंटों इंतजार के बाद उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

इन दिनों प्रदेश के जंगल वनाग्नि की चपेट में हैं और आग के कारण वातावरण में धुंध फैल गई है। मंगलवार को भी सीमांत जिले में चारों तरफ धुंध फैली रही। इसके चलते विजिबिलिटी कम हुई तो दिल्ली और देहरादून से विमान जबकि अल्मोड़ा तथा हल्द्वानी से हेलिकॉप्टर नैनीसैनी नहीं पहुंच सका। सीमांत जिले से देहरादून रूट पर 22 सीटर जबकि दिल्ली रूट पर 42 सीटर विमान सेवा संचालित होती है।

इसके अलावा यात्रियों का सफर सुगम बनाने के लिए अल्मोड़ा और हल्द्वानी रूट पर छह सीटर हेलिकॉप्टर का संचालन हो रहा है। विमान और हेलीकॉप्टर में सफर करने के लिए 80 से अधिक यात्रियों (आना-जाना दोनों मिलाकर) ने बुकिंग कराई थी। यात्री नैनीसैनी एयरपोर्ट पहुंचकर विमान और हेलिकॉप्टर का इंतजार करते रहे लेकिन धुंध के चलते फ्लाइट और हेलिकॉप्टर को कैंसिल कर दिया गया। ऐसे में कई यात्रियों को रोडवेज या वाहन बुक कराकर सफर करना पड़ा तो कई निराश होकर घर लौटे।

बगैर बारिश के धुंध छंटना मुश्किल

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जिले में अब तक सात हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुके हैं और कई अब भी वनाग्नि की चपेट में हैं। वन विभाग के लिए वनाग्नि को रोकना चुनौती भरा साबित हो रहा है। कुमाऊं के अकई हिस्सों में यही हाल हैं। ऐसे में जंगलों से उठने वाला धुंआ चारों तरफ फैल गया है। धुंध इतनी गहरी है कि बगैर बारिश के इसका छंटना मुश्किल है। ऐसे में साफ है कि यदि धुंध नहीं छंटी तो हवाई सेवाएं आने वाले दिनों में भी बाधित ही रहेंगी।

वातावरण में धुंध छाने से विमान और हेलिकॉप्टर सेवा मंगलवार को बाधित रही। धुंध छंटते ही हवाई सेवाओं को फिर से संचालित किया जाएगा। - डॉ. दीपक सैनी, सीडीओ और एयरपोर्ट इंचार्ज, नैनीसैनी

गणाई गंगोली में दो दिन से धधक रह गौरा देवी का जंगल
गर्मी बढ़ने के साथ ही सीमांत जिले के जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गणाई गंगोली के गौरा देवी का जंगल दो दिन से जल रहा है जिससे लाखों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वन कर्मी आग बुझाने में जुटे हैं लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिल सकी है।

 

गौरा देवी के जंगल में बीते सोमवार को आग लग गई थी। कुछ ही देर में आग ने जंगल के बड़े दायरे को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम पूरी रात वन आग बुझाने में जुटे रहे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। मंगलवार को भी पूरा दिन जंगल धधकता रहा। वनाग्नि से लाखों की वन संपदा जलकर नष्ट हो चुकी है। साथ ही वन्यजीवों पर भी खतरा मंडरा रहा है। जंगल से उठने वाला धुंआ आबादी में फैल गया है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि धुएं से बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में जलन शुरू हो गई हैं। बुजुर्गों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ वनाग्नि बेकाबू होती जा रही है। इससे निपटने में वन कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वन दारोगा योगेश कार्की ने कहा कि टीम आग बुझाने में जुटी है, जल्द ही इस पर काबू पा लिया जाएगा। 

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