थल (पिथौरागढ़)। बलतिर गांव में नागीमल छुरमल मंदिर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के छठे दिन देवी सरस्वती की महिमा का बखान किया गया। कथावाचक पीयूष उपाध्याय ने देवी सरस्वती के जन्म और उनकी महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि देवी सरस्वती ज्ञान और विद्या की देवी हैं। उनके पूजन से प्राणी को ज्ञान की प्राप्ति होती है। कथा से पहले हरीश चंद्र उपाध्याय और गिरीश चंद्र उपाध्याय ने यजमानों से मूल पाठ और रुद्राभिषेक कार्यक्रम संपन्न कराया। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। वहां यजमान कुंवर सिंह भैसोड़ा, आनंदी देवी, त्रिभुवन सिंह भैसोड़ा, हेमा देवी, हयात सिंह भैसोड़ा, षष्ठी भैसोड़ा, कवींद्र नेवे, हेमा नेवे, प्रहलाद सिंह भैसोड़ा, गोदावरी देवी आदि थे। संवाद