दारमा घाटी ह्या गबला देव की जय के उद्घोष से गूंज उठी। बुधवार रात गबला महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। 1977 से लगातार यह महोत्सव आयोजित हो रहा है। 40 साल पहले तक लोग सिर्फ गबला देव की पूजा करते थे। बाद में लोगों ने इसे महोत्सव के रूप में मनाने का फैसला लिया। रं जनजाति के लोग गबला देव को भगवान गणेश के रूप में पूजते हैं।
महोत्सव का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने किया। वैसे तो भगवान गबला देव की पूजा-अर्चना के कार्यक्रम 18 अगस्त से शुरू हो गए थे, लेकिन महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 23 अगस्त की रात को हुआ। महोत्सव में पहुंचे सभी अतिथियों को आयोजकों ने सिलै (पगड़ी) पहनाकर स्वागत किया। गबला देव मंदिर के प्रांगण में एकत्रित लोगों ने जयकारे लगाए।
दारमा घाटी के दांतू, मार्छा, तीदांग, गो, बोन, फिलम, दुग्तू, सौन, बालिंग, तीजम, वतन गांव से आए लोगों ने भगवान गबला देव को संतुष्ट करने के लिए छलिया नृत्य किया। बाद में भगवान गबला देव को दलंग (सत्तू) और पूड़ी अर्पित की। रात में सुंदर सिंह बोनाल लिखित दिलिन दारमा पुस्तक का विमोचन हुआ। पुस्तक में दारमा घाटी के भौगोलिक, ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व का उल्लेख है। मंच संचालन सोमी दुग्ताल एवं घनश्याम ग्वाल ने किया। महोत्सव में रस्साकसी, वॉलीबाल, कुर्सी दौड़ सहित कई प्रतियोगिताएं हुई। पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता एवं फौलिंग (बड़ा पत्थर) उठाने की प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
खेल प्रतियोगिताओं का संचालन राम सिंह सोनाल ने किया। विधायक हरीश धामी ने महोत्सव कमेटी को पचास हजार रुपये और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बीस हजार रुपये दिए। विशिष्ट अतिथि कैलाश रावत, ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर ने आयोजन की सराहना की। इस दौरान वरिष्ठ सर्जन डा. महिमन दुग्ताल, घनश्याम ग्वाल के नेतृत्व में चिकित्सा शिविर लगाया गया। महोत्सव के संचालन में चंद्र सिंह ग्वाल, डा. प्रेम नगन्याल, फली दताल, गोविंद खंपा, लाल सिंह खंपा, करन ग्वाल, ममीरा ग्वाल, भूपेंद्र ग्वाल आदि ने सहयोग दिया।
गबला महोत्सव में प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित
गबला महोत्सव में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। छलिया नृत्य प्रतियोगिता में दांतू प्रथम, दुग्तू द्वितीय स्थान पर रहा। रस्साकसी पुरुष वर्ग में सौन और महिला वर्ग में दुग्तू प्रथम रहा। वॉलीबाल में राप्ला की टीम प्रथम, तीजम वतन की टीम द्वितीय रही। पगड़ी बांध प्रतियोगिता में जीवन मार्छाल प्रथम और ईश्वर दुग्ताल द्वितीय स्थान पर रहे। विजेताओं को आयोजकों ने पुरस्कृत किया।