भूस्खलन प्रभावित खोतिला की स्थिति का जायजा लेते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
लगातार भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ रहे खोतिला कस्बे का रविवार को अधिकारियों के दल ने दौरा किया। प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान ने खोतिला का दौरा करने के बाद कहा कि खतरे की जद में आ रहे चार परिवारों को शिफ्ट किया जाएगा। खोतिला में भूकटाव जारी है और मलबा लगातार महाकाली में गिर रहा है। नेपाल के अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया। कहा कि खोतिला के मलबे से नेपाल के बंगाबगड़ गांव को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। क्योंकि महाकाली की चौड़ाई बहुत ज्यादा है और मलबा नदी के पार तक नहीं पहुंच सकता। नदी के प्रवाह से तत्काल इसलिए भी खतरा नहीं है, क्योंकि सर्दियों के मौसम में महाकाली की रफ्तार धीमी हो जाती है।
प्रभारी डीएम ने कहा कि सबसे पहले खोतिला के लिए पेयजल की सप्लाई बहाल की जाएगी। पेयजल लाइन टूटने से गांव में पानी का संकट हो गया है। कस्बे में एक प्राकृतिक स्रोत है, लेकिन तपोवन से खोतिला के लिए बन रही सड़क के कारण यह स्रोत भी टूट गया है। लोनिवि के अधिकारियों से कहा कि गांव तक जाने के लिए सुरक्षित इलाके से पैदल रास्ता बनाया जाए। खोतिला के लक्ष्मी दत्त भट्ट, भास्कर जोशी, सुरेश जोशी और जगदीश जोशी के मकान खतरे की जद में आ गए हैं, उनको शिफ्ट किया जाएगा। प्रभारी डीएम ने बताया कि एडीएम मोहम्मद नासिर सारी स्थिति पर नजर रखने के लिए खोतिला में मौजूद रहेंगे।
एडीएम ने कहा कि भूकटाव लगातार हो रहा है। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। टीम में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा, लोनिवि के जीके पांडे, एमएम तिवारी, आदित्य पाटनी, तहसीलदार आईबी मल्ल, बीडीओ एलएम जोशी, जल संस्थान के सहायक अभियंता रमेश गर्ब्याल आदि थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय गर्ब्याल, कृष्ण सिंह नपलच्याल, हयात सिंह नबियाल आदि ने अधिकारियों से मांग की कि खोतिला के भूस्खलन प्रभावित इलाके का भूगर्भीय सर्वे किया जाना जरूरी है। खोतिला में एक हफ्ते से भूस्खलन का क्रम जारी है। पहले पैदल रास्ते के ऊपर भूकटाव हुआ। बाद में जगह-जगह जमीन फट गई। जमीन लगातार टूटती जा रही है।