पंचाचूली की तलहटी में बुग्यालों में लगाई गई आग फैलने से निचले हिस्से में धुंध के बादल छा गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि शिकारियों ने वन्यजीवों को घेरने के लिए आग लगाई होगी। हालांकि वन विभाग इस तरह की आशंका से इंकार कर रह हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र के बुग्यालों में हर साल शीतकाल में आग लगाने की घटनाएं होती रहती हैं।
पंचाचूली की तलहटी में रविवार सुबह लगी आग अब तक नहीं बुझ पाई है। जाड़ा शुरू होने के बाद आग लगने की यह तीसरी घटना है। इलाका दूर होने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों को वहां पहुंचने में समय लग रहा है। वन क्षेत्राधिकारी पूरन सिंह रौतेला ने बताया कि वन दरोगा शेर राम के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम को मौके पर भेज दिया गया है।
टीम दो दिन में प्रभावित इलाके में पहुंचेगी और टीम के लौटने के बाद ही असली स्थिति का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह कहना गलत है कि आग शिकारियों ने लगाई होगी। वन विभाग पूरे मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है। उधर, धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र में शिकारियों के पकड़े जाने के बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। शिकारियों को पकड़ने की रणनीति तैयार की गई है।